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एमपी में एरियर पर बड़ा अपडेट, सर्विस बुक के नाम पर कर्मचारियों की करोड़ों की राशि अटकाई

employees news सर्विस बुक के नाम पर कर्मचारियों की एरियर की करोड़ों की राशि अटकाई

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मध्यप्रदेश में सर्विस बुक के नाम पर कर्मचारियों की एरियर राशि अटका दी गई है। करोड़ों की राशि अर्से से बाकी है जिससे शिक्षा विभाग के कर्मचारी और खासतौर पर शिक्षक परेशान हो रहे हैं। भिंड जिले में ही करीब 6500 शिक्षकों का औसतन एक से डेढ़ लाख रुपए का एरियर बकाया है। यह राशि करीब 65 करोड़ रुपए से ज्यादा होती है। एरियर की इस बड़ी राशि का भुगतान न होने से आक्रोशित अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों ने रविवार को भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह से मुलाकात की। विधायक ने मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर जल्द भुगतान कराने में पूरी मदद का आश्वासन दिया।

भिंड में शिक्षा विभाग में सातवें वेतनमान की किस्त, महंगाई भत्ता, क्रमोन्नति सहित विभिन्न योजनाओं का करोड़ों का एरियर बाकी है। आजाद अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद सिंह भदौरिया ने बताया समस्याओं के समाधान में शिक्षा विभाग के अधिकारी लंबे समय से टालमटोल कर रहे हैं।

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खासतौर पर एरियर की बकाया राशि पर अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों में जबर्दस्त असंतोष है। शिक्षकों के अनुसार प्रदेश से लेकर जिला शिक्षा विभाग के आदेशों के बाद भी संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी एरियर राशि का भुगतान जानबूझकर अटका रहे हैं।

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शिक्षकों को कहना है कि सर्विस बुक सत्यापन के नाम पर एरियर की राशि नहीं दी जा रही जबकि सर्विस बुक सत्यापन एक विभागीय प्रक्रिया है। यह संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं संकुल प्राचार्य की ओर से क्लर्कों के माध्यम से होती है। सर्विस बुक सत्यापन प्रक्रिया में शिक्षकों का कोई लेना-देना ही नहीं है।

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संगठन पदाधिकारियों और शिक्षकों ने विधायक नरेंद्रसिंह कुशवाह को बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने एक साल में तीन बार एरियर भुगतान के आदेश संबंधित डीडीओ, बीईओ को दिए हैं, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। कलेक्टर के निर्देश पर लगे खंडस्तरीय समस्या निवारण शिविरों में भी यह मामला खुलकर सामने आने के बावजूद कार्यवाही नहीं हो रही है।

धरना-प्रदर्शन 29 को
इससे पूर्व आजाद अध्यापक संघ ने रेस्ट हाउस परिसर में बैठक करके तय किया कि विधायक से मुलाकात करने के साथ अधिकारियों को एक बार और बताया जाएगा। इसके बावजूद एरियर का भुगतान नहीं हुआ तो अगले रविवार 29 दिसंबर को कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन आंदोलन किया जाएगा।