
Cyber Crime: साइबर फ्रॉड कितना बड़ा खतरा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 4 साल में साइबर फ्रॉड में ठगी गई रकम 10 गुना बढ़ गई है । भोपाल में ही 2021 में जहां करीब 4 करोड़ का साइबर फ्रॉड हुआ था वहीं 2024 में 43 करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई है , वहीं साइबर फ्रॉड के मामलों में रिकवरी 20 प्रतिशत से भी कम है।
ज्यादातर फ्रॉड देश के बाहर से होते हैं जिसके चलते पुलिस इन तक नहीं पहुंच पाती है। इन मामलों में पुलिस केवल उन लोगों को ही पकड़ पाती है, जो अपना अकाउंट किराए पर देते हैं। इन अकाउंट्स में जितना पैसा पुलिस को मिल जाता है वो पैसा तो रिकवर हो जाता है, लेकिन जो पैसा देश के बाहर जाता है, उसे रिकवर कर पाना नामुमकिन हो जाता है।
पुलिस की माने तो ये पैसा क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के माध्यम से देश के बाहर जाता है। वहीं जो साइबर फ्रॉड भारत के अलग-अलग राज्यों में बैठे गिरोह अंजाम देते है, वो भी इतने हाईटेक इक्विपमेंट का इस्तेमाल करते है कि उन्हें ट्रेस करने में पुलिस के पसीने छूट जाते है। कुछ गिरोह तक पुलिस जैसे-तैसे पहुंच भी जाती है, लेकिन इनके पास से रिकवरी ज्यादा नहीं हो पाती।
कई बार रिपोर्टिंग काफी लेट होती है और बैंक का रिस्पॉन्स भी धीमा होता है, जिसकी वजह से पैसे जालसाजों तक पहुंच जाते हैं। लोग जागरूक रहे, बैंक समय पर पैसे को ब्लॉक कर दे, तो पैसे जाने से बच सकते है। साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे पहला तरीका जागरूकता है। पुलिस अपने स्तर कार्रवाई करती है।
-अखिल पटेल, डीसीपी, साइबर क्राइम
Published on:
11 Nov 2024 12:47 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
