
गेहं खरीदी के नाम पर 45 लाख की धोखाधड़ी करने वाले गिरफ्तार
भोपाल. गेहंू खरीदी के नाम पर 45 लाख से अधिक की धाखोधडी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। फर्जी ट्रांसपोर्ट कम्पनी चलाने एवं कई टन गेहूं बेचने के नाम पर लाखों रुपए एडवांस वसूलकर गायब हो जाते थे। आरोपी हाईप्रोफाइल लाइफ स्टाइल के है जिन्होंने ठगी के रुपयों से एक एसयूवी खरीदी थी। पुलिस ने छह लाख रुपए जहां एकाउंट में ही फ्रीज कर दिए वहीं एसयूवी सहित कुल 19 लाख रुपए का माल बरामद किया है। एसपी सांई कृष्ण थोटा ने बताया कि, तीन दिसम्बर को पीडि़त ने शिकायत की, कि एसएम एक्सपोर्ट कंपनी के संचालकों ने 1250 टन गेहूं बेचने के नाम पर गेंहू के ट्रांसपोर्ट एवं बारदाना के नाम पर एडवांस पेमेण्ट लेकर 45 लाख 70 हजार रूपए की धोखाधड़ी कर दी।
साइबर पुलिस ने मामले का प्रकरण दर्ज कर जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने चार बैंक खातो में रुपए जमा कराए गए हैं। साइबर क्राइम टीम ने तकनीकि एनालिसिस कर लखनऊ, फरुखाबाद उत्तर प्रदेश एवं ग्वालियर, भोपाल में दबिश देकर कुल पांच आरोपीगणों को गिरफ्तार किया गया एवं आरोपीगणों से प्रकरण में प्रयुक्त छह मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड, 1& एटीएम कार्ड, दो चेक बुक, नगद राशि दो लाख 10 हजार रुपए एवं इन रूपयों से खरीदी गई एसयूवी जब्त कर ली।
मुख्य आरोपी अंशु सिंह एवं गोपाल सोमवंशी जस्ट डायल से इन्कवायरी देखकर अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी का संचालन करते है, आरोपीगण पहले गेंहू बेचने वाले से संपर्क करते है और पता लगाते है कि गेंहू का स्टॉक कहां है, पता लगने के बाद खरीददार को कॉल करके गेंहू बेचने का ऑफर करते है अगर खरीददार खरीदने के लिए तैयार हो जाता है तो उसे स्टॉक वाली जगह भेज देते है जहां वह माल चेक करता है और डील फिक्स करते है फिर खरीददार को खाते भेजकर उनको एडवांस पैसे डालने के लिए बोलते हैं। मुख्य आरोपी अंशु उ'च आर्थिक रहन-सहन वाले परिवार से हैं,इनमें से एक आरोपी पूर्व मे उत्तर प्रदेश की जिला पंचायत मे चुनाव उम्मीदवार रह चुका है।
खरीददार के पैसा डालते ही पैसा बैंक खातों में आने पर अन्य सहयोगियों दीपक कुमार, योगेश कुमार, एवं विवेक विक्रम के साथ मिलकर तत्काल बैंक खाते से पैसा निकालने का काम करते है एवं नगद आहरण की लिमिट समाप्त होने पर अन्य बैंक खातो में पैसा ट्रॉसफर कर नगद निकाल लेते है। मामले का खुलासा करने वाली टीम निरीक्षक सुनील केवट, उपनिरीक्षक देवेन्द्र साहू, उप निरीक्षक भरत लाल प्रजापति,सहायक उप निरीक्षक पी. चिन्नाराव, प्रधान आरक्षक प्रतीक उईके और आरक्षक आदित्य साहू ने प्रमुख भूमिका निभाई है।
पांच में चार बीएससी पास, एक 12 वीं
गोपाल सोमवंशी- गिरोह का सरगना, निवासी फरुखाबाद, उप्र, कम्पनी संचालक, बेवसाइट से डाटा निकालकर, कॉल कर ग्राहको को फंसाना। शिक्षा बीएसएसी।
अंशु सिंह- फरुखाबाद, उप्र, फर्जी कम्पनी संचालन, कॉल कर ग्राहकों को फंसाता था। शिक्षा बीएसएसी।
दीपक कुमार उर्फ दीपू- निवासी फरुखाबाद उप्र, 12 जी खाता धारक एवं खाते से नगद रुपए निकालना। शिक्षा बीएससी।
योगेश कुमार- निवासी बस्ती, लखनऊ, उप्र, 12 खातों का धारक एवं रुपए निकालना। शिक्षा- 12 वीं।
विवेक विक्रम सिंह- निवासी आजमगढ़, खाता धारक एवं खाते से नगद रुपए निकालना। शिक्षा बीएससी।
Updated on:
14 Dec 2021 10:54 pm
Published on:
14 Dec 2021 10:51 pm
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