
शगुन मंगल
भोपाल. छात्र और छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सीएम राइज योजना के तहत स्कूलों को शामिल तो कर दिया गया है, लेकिन न सभी विषयों के शिक्षक मिले हैं और न अन्य व्यवस्थाएं हो पाई हैं। राजधानी के रशीदिया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ऐसा ही हाल है। इस स्कूल को सीएम राइज स्कूल के अंतर्गत नई बिल्डिंग तो मिल गई है, लेकिन अभी बच्चे इसका पूरी तरह से लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
बिल्डिंग का एक हिस्सा अभी भी संस्कृत बोर्ड के कब्जे में
बिल्डिंग का एक हिस्सा अभी भी संस्कृत बोर्ड के कब्जे में है। जबकि संस्कृत बोर्ड की नई बिल्डिंग तैयार है। स्कूल प्रशासन के तमाम विरोध के बाद भी वे अभी एक साल बाद बिल्डिंग खाली करेंगे। इसके अलावा उमंग हेल्पलाइन एनजीओ के पास भी स्कूल के 4 कमरे हैं। ऐसे में यहां दो शिफ्ट में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। जिस वजह से बच्चों के साथ अध्यापकों को भी परेशानियां हो रही हैं।
डांस, म्यूजिक, आर्ट जैसी कक्षाओं के लिए तो कमरे ही नहीं हैं। कई बार क्लासेज लैब में भी चलाई जा रही हैं। यहां के अध्यापकों ने बताया कि स्कूल शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं हो जाना चाहिए थी। अगर शिक्षक ही नहीं होंगे तो ये सारी योजनाएं कागजी तौर पर ही रह जाएंगी।
शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है
सीएम राइज के तहत कई प्रकार की नई कक्षाएं तो लगा दी गई हैं लेकिन उनके लिए अभी तक शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। रशीदिया स्कूल के प्रिंसिपल केडी श्रीवास्त्व ने बताया कि आर्ट, डांस, स्पोर्ट्स, म्यूजिक, भाषा के अध्यापकों की अभी कोई भर्ती नहीं हुई है। जुलाई अंत तक अतिथि शिक्षक शायद मिल जाएं। इसके अलावा हर विषय पर चार पद हैं, लेकिन अभी बहुत पद खाली है। इतिहास, उर्दू, सोशल साइंसेज, विज्ञान जैसे विषयों के भी शिक्षक नहीं है। शासन स्तर पर इसकी प्रक्रिया चल रही है।
Published on:
22 Jun 2022 04:02 pm
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