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नगर सरकार का मुखिया चुनने की तारीख फायनल, किस शहर में कौन अध्यक्ष, देखें लिस्ट

मध्यप्रदेश की नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष चुनने की तारीखें फायनल हो चुकी है, पार्षदों के परिणाम आने के बाद से ही संगठन स्तर से लेकर स्थानीय स्तर तक भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में अपनी पार्टी का अध्यक्ष बनाने को लेकर जोड़तोड़ की राजनीति चल रही है.

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नगर सरकार का मुखिया चुनने की तारीख फायनल, किस शहर में कौन अध्यक्ष, देखें लिस्ट

नगर सरकार का मुखिया चुनने की तारीख फायनल, किस शहर में कौन अध्यक्ष, देखें लिस्ट

भोपाल. मध्यप्रदेश की नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष चुनने की तारीखें फायनल हो चुकी है, पार्षदों के परिणाम आने के बाद से ही संगठन स्तर से लेकर स्थानीय स्तर तक भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में अपनी पार्टी का अध्यक्ष बनाने को लेकर जोड़तोड़ की राजनीति चल रही है, फिलहाल अधिकतर नगर पालिकाओं और परिषदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के नाम लगभग फायनल हो चुके हैं, हालांकि इनकी अधिकारिक घोषणा भी चुनाव के बाद ही सामने आएंगे, इससे पहले जानिये किस शहर और किस नगर में कौन नगर सरकार का मुखिया बन सकता है।

इंदौर-भोपाल और जबलपुर में 5, 6 और 7 अगस्त को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा, वहीं प्रदेश की नगरपालिकाओं और नगर परिषदों में भी 7 अगस्त से लेकर 13 अगस्त तक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष चुने जाएंगे, ग्वालियर, कटनी में शपथ समारोह हो चुका है, भोपाल में 6 अगस्त को मालती राय शपथ लेंगी, इस आयोजन में सीएम शिवराज सिंह भी मौजूद रहेंगे, इसके बाद भोपाल में 8 अगस्त को परिषद का पहला सम्मेलन होगा, इंदौर में पुष्यमित्र भार्गव 5 अगस्त यानी आज ही शपथ लेंगे, यहां भी 8 अगस्त को ही परिषद का पहला सम्मेलन होगा,जबलपुर में 7 अगस्त को जगतबहादूर अन्नू शपथ लेंगे, यहां पहला सम्मेलन 10 अगस्त को होगा। इसी प्रकार सागर, छिंदवाड़ा और मुरैना जिलों में भी 5 अगस्त को ही नगर अध्यक्षों का चुनाव होगा।

इटारसी में पहले, नर्मदापुरम में आखिरी में चुना जाएगा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष

नर्मदापुरम. नगरीय निकायों में पार्षद पद का चुनाव होने के बाद अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव होगा। नपा इटारसी में सबसे पहले 6 अगस्त को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। इसके बाद सिवनीमालवा और बनखेड़ी में 8 अगस्त, माखननगर में 9 अगस्त को चुनाव होंगे। पिपरिया और नर्मदापुरम में सबसे आखिरी में 10 अगस्त को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुना जाएगा।


नगरीय निकायों में निर्वाचित पार्षदों के प्रथम सम्मेलन की अध्यक्षता के लिए कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने अधिकारियों को पीठासीन अधिकारी प्राधिकृत किया है।
नगरपालिका परिषद के लिए कलेक्टर नीरज कुमार सिंह स्वयं प्राधिकृत रहेंगे। इसके अलावा अन्य सभी निकायों में एसडीएम को जिम्मेदारी दी गई है।


जानिए कब कहां होंगे चुनाव
नपा सिवनीमालवा
8 अगस्त - दोपहर 2 बजे
नपा बनखेड़ी
8 अगस्त - प्रात: 10.30 बजे
नप माखननगर
9 अगस्त -प्रात: 10.30 बजे
नपा पिपरिया
10 अगस्त - दोपहर 2 बजे
नपा नर्मदापुरम
10 अगस्त - प्रात: 10.30 बजे

भाजपा- कांग्रेस दावेदार सक्रिय
नगर पालिका सीहोर
वार्ड क्रमांक 9 से करीब 948 वोट से जीत दर्ज कराने वाले सीताराम यादव भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं। नगर परिषद में भाजपा के करीब 22 पार्षद जीते हैं, सबसे सीनियर यादव ही हैं। यह विधायक सुदेश राय के नजदीकी हैं। पिछली बार इन्हें भाजपा से टिकट नहीं मिला था, पार्टी ने इन्हें जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी थी। यह भी पूरी ताकत से नपा अध्यक्ष की लिए दावेदारी कर रहे हैं.


वार्ड क्रमांक 15 से निर्विरोध पार्षद चुने गए प्रिंस राठौर भाजपा में नगर मंडल अध्यक्ष की कमान संभाले हुए हैं। यह बीते करीब एक दशक से युवाओं की राजनीति कर रहे हैं। पिछली बार भी इन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष के लिए पार्टी से टिकट मांगा था। यह विधायक सुदेश राय और जिलाध्यक्ष रवि मालवीय के नजदीकी हैं। इस बार पूरी ताकत से समर्थक पार्षदों के साथ दावेदारी कर रहे हैं।
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नगर पालिका नसरुल्लागंज
ऋतु परिहार वार्ड तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं। वह पूर्व निगम अध्यक्ष राजेंद्र सिंह और वर्तमान सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह राजपूत की भांजी हैं। ऋतु परिहार की ऊपर तक अच्छी पकड़ होने से अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रही हैं। ऋतु परिहार को अध्यक्ष बनाने पिछले दिनों राजपूज के लोग भी सीएम शिवराज सिंह चौहान से मिले थे।


वार्ड क्रमांक 9 से मारुति शिशिर पार्षद बने हैं। यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी तो माने जाते ही हैं। इनके पिता दिवंगत मोहनलाल शिशिर बुदनी विधानसभा से विधायक भी रहे हैं। मारुति शिशिर इस बार नगर परिषद अध्यक्ष बनने के लिए जोर-शोर से लगे हुए हैं। हालांकि, नसरुल्लागंज में नगर परिषद अध्यक्ष का फैसला सीएम की सहमति के बाद ही होगा।

वार्ड क्रमांक 11 से पार्षद चुनी गई हैं। पति राजेश पंवार तीन बार पार्षद और दो बार परिषद में उपाध्यक्ष रहे हैं। पूर्व में राजेश पंवार की तरफ से अध्यक्ष बनने के लिए दावेदारी की गई थी, लेकिन टिकट नहीं मिला। इस बार वह अपनी पत्नी विद्या पंवार को अध्यक्ष बनाने के लिए लगे हुए हैं।
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नगर पालिका आष्टा
वार्ड क्रमांक 12 से अनिता भट्ट पार्षद चुनी गई हैं। अनिता भट्ट इससे पहले तीन बार पार्षद रह चुकी हैं। भाजपा की स्थानीय राजनीति में लंबें समय से सक्रिय होकर काम कर रही हैं, यह भाजपा में नगर महामंत्री तक रही हैं। वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा में काम कर रही है। इनके पति कालू भी भाजपा में युवाओं की राजनीति करते हैं, यह खुद को वरिष्ठ बताते हुए पूरी ताकत से दावेदारी कर रही हैं।


यह वार्ड क्रमांक 13 से पार्षद का चुनाव जीती हैं। हेमकुंवर मेवाड़ा के पति राय सिंह मेवाड़ा 15 साल से भाजपा से जुड़े हैं और मंडी डायरेक्टर भी हैं। अभी तक मेवाड़ा समाज से कोई नपा अध्यक्ष नहीं बना है और आष्टा में मेवाड़ा समाज का वोट बैंक अच्छा है। यह समाज की दुहाई देते हुए दावेदारी कर रहे हैं। रायसिंह की पार्टी में पकड़ होने से हेमकुंवर मेवाड़ा की नगर पालिका आष्टा के लिए दावेदारी मजबूत है।

वार्ड क्रमांक 18 से पार्षद चुनी हैं, वैसे तो उनका पहला चुनाव है, लेकिन परिवार लंबे समय से भाजपा में है और उसी वजह से इन्हें टिकट मिला। ससुर शेषनारायण मुकाती समाजसेवी की छवि वाले हैं। लता मुकाती नगर पालिका अध्यक्ष के लिए पहले भी टिकट मांगती रही हैं, लेकिन इन्हें मौका नहीं मिला। अब जब यह पार्षद बन गई हैं और नगपा अध्यक्ष का चुनाव भी पार्षद के जरिए होना है तो यह पूरी ताकत से लगी हुई है।
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नगर पालिका बुदनी
सत्येंद्र शर्मा बुदनी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक दो से चुनाव लड़े थे, जिसमें विजयी रहे। इस बार वह छठी बार पार्षद बने हैं। पूर्व में पार्षद का चुनाव जीतने पर अध्यक्ष बनाने की दावेदारी जताई थी, लेकिन वह किसी कारण से पूरी नहीं हो सकी थी। इसलिए इस साल अध्यक्ष बनने के लिए प्रमुखता से लगे हुए हैं।


वार्ड क्रमांक चार से सुनीता मालवीय पार्षद चुनी गई हैं। सुनीता मालवीय गृहिणी हैं,लेकिन उनके पति अर्जुन मालवीय भाजपा से जुड़े होने के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के बहुत करीबी माने जाते हैं। इसी वजह से सुनीता मालवीय नगर परिषद अध्यक्ष बनने प्रयास में जुटी हैं।

गुना नगर पालिका समेत अन्य नगरीय निकायों में 10 अगस्त

गुना. गुना नगर पालिका समेत अन्य नगरीय निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव 10 अगस्त को अलग-अलग जगह होना है। इन चुनाव की नजदीक आते ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के दावेदार और उनके समर्थक सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं और एक-दूसरे पर अनर्गल शब्दों, टिप्पणियों के साथ सोशल मीडिया पर भड़ास निकाल रहे हैं। ऐसा भाजपा में नहीं, बल्कि गुना छोड़कर दूसरी जगह कांग्रेस में भी हो रहा है। एक-दूसरे के खिलाफ हो रही टिप्पणियों को देखकर और सुनकर भाजपा और कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद इस संकट में है कि अपने दल के किस उम्मीदवार को समर्थन दें। मेन्डेट जारी न होने से पहले हर नगरीय निकाय में दो से चार नाम नगरीय निकाय के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की दौड़ में चर्चाओं में बने हुए हैं। गुना नगर पालिका में कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं।

सिंधिया समर्थक भी आपस में बंटे
गुना नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदारों में सिंधिया समर्थक के रूप में सविता अरविन्द गुप्ता, सुनीता रविन्द्र रघुवंशी और मूल भाजपा के रूप में नवनिर्वाचित पार्षद कीर्ति प्रदीप सरवैया और संध्या सोनी का नाम चर्चाओं में है। सविता के पति अरविन्द गुप्ता और सुनीता के पति रविन्द्र रघुवंशी के बीच एक-दूसरे को पटखनी देने की होड़ सी मची हुई है। दोनों के बीच चल रहे शीतयुद्ध को देखते हुए सिंधिया समर्थक भी आपस में बंट गए हैं। शीतयुद्ध के चलते अपने-अपने पसंद के नेता की पत्नी को अध्यक्ष बनने के गुना नगर पालिका के पार्षदों से आग्रह करते भी दिख रहे हैं। अध्यक्ष पद की दावेदार के पति को लेकर अशोभनीय टिप्पणी करने में अध्यक्ष पद की दावेदार के पति के समर्थक भी पीछे नहीं हैं।


निर्दलीय विमला भाजपा में शामिल
बुधवार को निर्दलीय पार्षद विमला गोपाल साहू भाजपा में शामिल हो गईं। इस दौरान जिला संगठन प्रभारी संजीव कांकर, जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिकरवार विधायक गोपीलाल जाटव, मंडल अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव मौजूद रहे। इसमें मुख्य भूमिका रविन्द्र रघुवंशी और युवा नेता परमिन्दर सिंह सलूजा की रही है।


पैसा बंटने का मामला पहुंचा हाईकमान तक
भाजपा के बैनर पर चुनाव जीते तीन पार्षदों ने कार्रवाई के डर से नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अध्यक्ष की दावेदार की ओर से कुछ लोग हमारे समेत अन्य भाजपा पार्षदों के घरों पर आ रहे हैं। पांच लाख रुपए दे रहे हैं कि आपका जो पैसा खर्च हुआ है, वह संगठन की ओर से दे रहे हैं। जब संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी से ऐसे पैसे पहुंचाने के बारे में पूछा तो उन्होंने असमर्थता जाहिर की। नवनिर्वाचित पार्षदों का कहना था कि पांच लाख रुपए हमारे पास संगठन के नाम से पहुंचाने की शिकायत भाजपा प्रदेश हाईकमान तक पहुंचा दी है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर भड़ास आरोन नगर पंचायत में भाजपा के करारी हार को लेकर कुछ लोग निकाल रहे हैं। संगठन के पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।