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ज्ञानवापी के बाद भोपाल की जामा मस्जिद में भी पुरातत्व सर्वेक्षण कराने की मांग

संस्कृति बचाओ मंच ने गृह मंत्री से सर्वे कराने की मांग, कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाने की तैयारी

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भोपाल. ज्ञानवापी मस्जिद के विवाद के बाद अब मध्य प्रदेश में भी भोपाल की जामा मस्जिद (Jama Masjid of Bhopal)पर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रदेश की राजधानी भोपाल के बीचों बीच बनी इस मस्जिद को लेकर सीएम और गृहमंत्री से पुरातत्व सर्वेक्षण (archaeological survey in Jama Masjid) कराने की मांग की गई है।

शहर के भोपाल चौक बाजार में स्थित जामा मस्जिद (Jama Masjid of Bhopal) में पुरातत्व सर्वेक्षण की मांग संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने की है। तिवारी ने गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को ज्ञापन देकर कहा है कि भोपाल चौक बाजार स्थित जामा मस्जिद पुराना शिव मंदिर है और इसका पता पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण से चल सकता है इसलिए जामा मस्जिद का सर्वे कराया जाए।

शिव मंदिर तोड़कर बनाई मस्जिद
चन्द्रशेखर तिवारी ने दावा किया है कि भोपाल की आठवीं शासिका खुदसिया बेगम ने खुद अपनी आत्मकथा हयात ए कूदीस में इसका जिक्र किया है। वह लिखती है कि शिव मंदिर तोड़कर भोपाल की जामा मस्जिद का निर्माण कराया गया। मस्जिद को 1832 ईसवी में बनाना शुरू किया था जो 1857 ईसवी में पूरी हुई थी। इसको बनाने में ₹5 लाख रुपए खर्च की गई थी।

तिवारी ने दावा किया है कि खुदसिया बेगम के द्वारा ही अपनी आत्मकथा में बताया गया है कि मस्जिद के स्थान पर एक बड़ा शिव मंदिर था, जिसे तोड़ने के बाद ही मस्जिद का निर्माण हुआ। तिवारी ने कहा कि सरकार से मांग के साथ साथ कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे, जिससे सच दुनिया के सामने आ सके।

दरअसल भोपाल चौक में स्थित जामा मस्जिद शहर के बीचों बीच बनी हुई है। इस मस्जिद के चारों ओर लगभग 100दुकानें बनी हुई हैं। जिनमें 99 दुकानें हिंदुओं की और एक दुकान मुसलमान की है। इनमें ज्वेलर्स और कपड़े के व्यापारियों की दुकानें हैं। कुछ साल पहले भी मस्जिद के पास मंदिर बनाने को लेकर तनाव हुआ था जिसे प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शांत कराया गया।

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