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SMARTCITY: 2016 के अंत तक तोड़ दिए जाएंगे 2600 आशियाने

ये निर्देश भी दिए गए हैं कि जिन परिवारों की आवंटन अवधि खत्म हो चुकी है, उन्हें पुनर्वास सूची में स्थान नहीं दिया जाए।

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shahid samar

Feb 02, 2016


भोपाल.
स्मार्ट सिटी के लिए प्रस्तावित शिवाजी नगर और तुलसी नगर की 300 एकड़ से ज्यादा जमीन को खाली कराने की कार्रवाई इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगी। शासन ने यहां रहने वाले 2600 परिवारों के पुनर्वास के लिए वैकल्पिक इंतजाम तलाशने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए शासन ने संपदा, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम से यहां बसे परिवारों की सूची मांगी है।

ये निर्देश भी दिए गए हैं कि जिन परिवारों की आवंटन अवधि खत्म हो चुकी है, उन्हें पुनर्वास सूची में स्थान नहीं दिया जाए। तीनों विभागों की सूची स्पेशल पर्पज व्हीकल समिति के सामने समीक्षा के लिए भेजी जाएगी। एसपीवी के फैसले पर कार्रवाई होगी, इसके लिए निर्माण कार्य से जुड़े सभी विभागों के बीच पहले ही एमओयू साइन करा लिए गए हैं।

प्रोजेक्ट शिवाजी पर सबसे ज्यादा सुझाव
स्मार्ट सिटी पब्लिक सिटी कंसलटेशन राउंड के दौरान निगम को 1 लाख 71 हजार सुझाव मिले थे। इनमें से 71 हजार से ज्यादा सुझाव शिवाजी नगर और तुलसी नगर की जमीन पर स्मार्ट सिटी बसाने से संबंधित थे। श्रेणियों में आवंटन : आवासों का आवंटन बी, सी, डी, ई, एफ, जी, एच और आई श्रेणियों में किया जाता है। मप्र शासन के सामान्य प्रशासन और गृह विभाग की अनुशंसा पर इनका आवंटन बीते सालों से होता आ रहा है।


आवासों की स्थिति
1563 आवास शिवाजी नगर में
3173 आवास तुलसी नगर में
4736 आवास कुल
2600 आवासों में परिवार रहते हैं
3136 आवास कंडम घोषित


इनका कहना है..
पुनर्वास के लिए शासन स्तर पर नीति बन रही है। परिवारों के बारे में प्रारंभिक जानकारियां जुटाई जा रही हैं, ताकि इन्हें वरीयता क्रम के हिसाब से आवास आवंटित किए जा सकें।
तेजस्वी नायक, निगमायुक्त

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