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नोटबंदी: MP में 8 महीने पहले ही शुरू हो गई थी तैयारी, पढ़ें ये चौंकाने वाली रिपोर्ट..

हरियाणा सरकार ने भी दिल्ली की संस्था को सौंपा था अध्ययन कार्य, मप्र सरकार समझना चाहती थी टैक्स बोझ के वैकल्पिक उपाय   

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Anwar Khan

Dec 25, 2016

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भोपाल। भले ही नोटबंदी का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवम्बर को सार्वजनिक किया, लेकिन अर्थक्रांति के विचार पर मध्यप्रदेश और हरियाणा की सरकार ने फरवरी में पहल कर दी थी। कुछ दिन पहले सार्वजनिक हुई एक रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार ने पुणे के गैर सरकारी संगठन -'अर्थक्रांति' के प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए दिल्ली के एक संस्थान को फरवरी-मार्च में जिम्मा सौंपा था। प्रस्ताव में बड़े नोट पर रोक के अलावा टैक्स संरचना में परिवर्तन और राजस्व हासिल करने के उपायों का जिक्र था।




शिवराज सरकार की रुचि राजस्व सुधार के वैकल्पिक उपायों को समझने में थी। अर्थक्रांति के प्रमुख अनिल बोकिल का दावा है कि नोटबंदी का विचार उनका था, जो उन्होंने नरेंद्र मोदी के केंद्र की सत्ता में काबिज होने के पहले ही भाजपा के कई बड़े नेताओं के सामने रखा था। मुद्रा विमुद्रीकरण को लेकर उनकी कई भाजपा नेताओं के साथ बैठक भी हुईं। मध्यप्रदेश और हरियाणा सरकारों ने अर्थक्रांति रिसर्च रिपोर्ट के मूल्याकंन के लिए दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (एनआईपीएफपी) से आग्रह किया था।




14 नवंबर को पहली रिपोर्ट
एनआईपीएफपी एक थिंक टैंक है, जोकि जो केंद्रीय वित्त मंत्रालय, योजना आयोग, विभिन्न राज्य सरकारों और संस्थानों के साथ मिलकर काम करता है। मध्यप्रदेश व हरियाणा सरकारों के आग्रह के बाद एनआईपीएफपी ने जुलाई में अर्थक्रांति की रिसर्च रिपोर्ट का आकलन शुरू किया, लेकिन 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान तक अपनी विस्तृत मूल्यांकन रिपोर्ट राज्य सरकारों को नहीं सौंपी। अलबत्ता एनआईपीएफपी ने 14 नवंबर को एक दस्तावेज सार्वजनिक किया था, जिसमें मुद्रा विमुद्रीकरण के प्रभावों और असर का जिक्र था।




शिवराज सरकार ने स्वीकारी बात
मध्यप्रदेश सरकार ने इस विषय पर अपने जवाब में कहा कि महाराष्ट्र के अर्थक्रांति संस्थान ने 'अर्थक्रांति का अन्वेषण: राजस्व सुदृढ़ीकरण की राह' नामक रिसर्च रिपोर्ट 2013 में तैयार की थी। राज्य सरकार के वाणिज्य कर विभाग का मानना था कि इस रिपोर्ट को जांचा -परखा जाना चाहिए, क्योंकि इस रिपोर्ट में आम जनता पर सीधे टैक्स बोझ लादने के बजाय राजस्व हासिल करने के वैकल्पिक तरीकों का रास्ता सुझाया गया था। इन्ही पहलुओं का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने एनआईपीएफपी के साथ एक एग्रीमेंट भी किया था। जब इस रिपोर्ट पर हरियाणा सरकार के वित्त विभाग और जिम्मेदार आलाकमानों से बात की गई तो किसी ने भी कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।




मंत्री ने स्वीकारी बात
अर्थ क्रांति की रिपोर्ट के अध्ययन की जिम्मेदारी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फायनेंस एण्ड पॉलिसी (एनआईपीएफपी) को दी थी। एनआईपीएफपी की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नही हुई है। राज्य सरकार समय-समय पर एेसे अध्ययन कराती रहती है।
- जयंत मलैया, वित्तमंत्री मध्यप्रदेश शासन

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