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बरसात में बढ़ जाता है डेंगू का खतरा, इसलिए पूरी तरह से रहें सावधान

जानिए क्या हैं डेंगू से बचने के उपाय.....

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dengue

भोपाल। बारिश के मौसम में कीटाणु और बैक्टीरिया अधिक मात्रा में जन्म लेते हैं जो स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। बरसात में जगह-जगह पानी इकट्ठा हो जाने से, हवा में नमी की वजह से, गंदगी आदि के बढ़ जाने से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जब मध्यप्रदेश में मानसून आ चुका है तो लोगों का अब सावधान रहने की जरूरत है।

बारिश के मौसम में डेंगू बेचैनी का माहौल पैदा कर रहा है, जिसे हल्का सा भी मौसमी बुखार आता है वो भी डेंगू की जांच करवाने के लिए अस्पताल की तरफ दौड़ पड़ता है. लेकिन बहुत से लोगों को जानकारी नहीं है कि 99 प्रतिशत मामलों में घबराने की जरूरत नहीं होती। डेंगू के ज्यादातर मामलों में बचाव हो सकता है। इसलिए घर पर रहकर कुछ उपायों को अपनाकर आप खुद को सुरभित रख सकते हैं।

डेंगू का लक्षण

- ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना
- सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना
- आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है
- बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना
- गले में हल्का-सा दर्द होना
- शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना
- क्लासिकल साधारण डेंगू बुखार करीब 5 से 7 दिन तक रहता है और मरीज ठीक हो जाता है। ज्यादातर मामलों में इसी किस्म का डेंगू बुखार होता है।

डेंगू से बचने के उपाय

जमा न होने दें घर में पानी

एडीज एजिप्‍टी मच्‍छर दिन के समय संक्रमण फैलाते हैं। इनका जन्‍म आमतौर पर जमा पानी वाले स्‍थानों पर होता है। इसलिए घर के अंदर और आस-पास स्थिर पानी को साफ करना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। इसके अलावा कूलर, गमले आदि में पानी जमा न रहने दें। रोगी को मच्‍छर के कटाने से बचायें। डेंगू से पीड़ि‍त व्‍यक्ति को फिर से मच्‍छर द्वारा कटाने से बचाये। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित करें किे घर में हर किसी की मच्‍छर के काटने के खिलाफ रक्षा की जाये।

करें रिपेलेंट का प्रयोग

नियमित रूप से मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्‍तेमाल करें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि दिन है या रात। मच्‍छरों वाले स्‍थान में मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल रात में करने के साथ-साथ दिन में भी करें।

सभी छेदों को करें ब्लॉक

आप इस बात को भी सुनिश्चित करें कि अंदर और बाहर जाने के सभी रास्‍तों में किसी भी प्रकार का छेद न हो। अगर आप ऐसा पाते हैं तो घर में मच्‍छरों के प्रवेश को निषेध करने के लिए ठीक से उन सभी छेदों को ब्‍लॉक कर दें।

मच्छरदानी का प्रयोग करें

घर में मच्‍छरों के अधिक होने पर सोने के लिए आपको हर रात मच्‍छरदानी का इस्‍तेमाल जरूर करना चाहिए। विशेष रूप से अगर आपके घर में बच्‍चे हैं, तो उन्‍हें रात के समय बिना मच्‍छरदानी के न सोने दें।

कूड़ेदान को साफ रखें

कूड़ेदान में कचरा एकत्रित होता दिखाई देने पर उसे तुरंत खाली करें। क्‍योंकि गंदगी या गंदा हिस्‍सा मच्‍छरों के लिए प्रजनन भूमि हो सकता है। इसके अलावा, उस क्षेत्र में मच्‍छरों के प्रवेश को रोकने के लिए कचरे को ढंक कर रखें।

घर के पास तुलसी के पौधे को रखें

प्राकृतिक तरीके से घर में मच्‍छरों के प्रवेश को रोकने के लिए अपनी खिड़की या दरवाजे के पास तुलसी का पौधा लगाये। यह प्राकृतिक तौर पर रिपेलेंट का काम करता है जिससे इस संक्रमण की आशंका घटती है।