30 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ग्रंथपाल-क्रीड़ा अफसरों को छह दिसंबर से पहले नियुक्ति देने की कवायद

विभाग ने मंत्री को भेजा प्रस्ताव

2 min read
Google source verification
ग्रंथपाल-क्रीड़ा अफसरों को छह दिसंबर से पहले नियुक्ति देने की कवायद

ग्रंथपाल-क्रीड़ा अफसरों को छह दिसंबर से पहले नियुक्ति देने की कवायद

अनुमोदन के लिए अटका हुआ है मामला, 24 से संविधान बचाओ यात्रा शुरू करेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर
भोपाल. 6 दिसंबर 2018 को लोक सेवा आयोग से चयनित ग्रंथपाल और क्रीडा अधिकारियों को 12 महीने की अवधि खत्म होने से पहले नियुक्ति देने एक बार फिर कवायद की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने 400 से ज्यादा पदों पर नियुक्ति देने का प्रस्ताव बनाकर अनुमोदन के लिए उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के पास भेजा है। विभाग के प्रस्ताव की समीक्षा के बाद मंत्री को इस पर अनुमति जारी करनी है जिसके बाद ग्रंथपाल और क्रीडा अधिकारियों को कॉलेजों में नियुक्ति मिल सकती है। पिछले एक साल के दौरान इस तरह के कई प्रस्ताव विभागीय मंत्री की समीक्षा के लिए भेजे गए लेकिन हर बार इन्हें आपत्ति और संशोधनों के नाम पर वापस विभाग को लौटा दिया गया। इस बार उम्मीद की जा रही है उनकी मांगों पर अमल हो जाएगा। हालांकि इसके लिए वे अपने स्तर पर तैयारी भी कर रहे हैें।
इस बार ग्रंथपाल, क्रीडा अधिकारियों ने सहायक प्राध्यापकों के साथ मिलकर संविधान बचाओ यात्रा निकालने का फैसला लिया है जो 24 नवंबर को महू से शुरू होगी। चयनित उम्मीदवारों ने चेतावनी दी है कि मंत्री पटवारी के रवैये के खिलाफ वे 24 नवंबर को उनके गांव जाकर सिर मुंडवाएंगे और पैदल मार्च करते हुए भीख मांगेंगे। संयुक्त संगठन के पदाधिकारी पैदल मार्च करते हुए भोपाल पहुंचेंगे और सीएम हाउस के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगे। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश खातरकर ने कहा कि विभागीय मंत्री को नियुक्तियों में विशेष रूचि नहीं क्योंकि वे अतिथि विद्वानों के संगठन के दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी नियुक्ति संबंधित प्रकरणों को जानबूझकर लंबित रखा गया जिसके चलते पूरा एक वर्ष का समय बीतने जा रहा है।
ग्रंथपाल-क्रीडा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया समयावधि में ही पूरी की जाएगी। अतिथियों के बारे में भी सरकार योजना बना रही है। जीतू पटवारी, मंत्री, उच्च शिक्षा