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भागवत कथा : जिसके पास प्रेम है वह निर्धन नहीं होता

अमराई में आयोजित भागवत कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन

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भोपाल। सुदामा से परमात्मा ने मित्रता का धर्म निभाया। राजा के मित्र राजा होते हैं रंक नहीं, पर परमात्मा ने कहा कि मेरे भक्त जिसके पास प्रेम धन है वह निर्धन नहीं हो सकता। कृष्ण और सुदामा दो मित्र का मिलन ही नहीं जीव व ईश्वर तथा भक्त और भगवान का मिलन था।

सुदामा चरित्र ही ऐसा है जहां प्रभु के परम मित्र होने के बाद भी उनसे कोई लोभ, मोह, माया की इच्छा नहीं रही, लेकिन पत्नी के जरा से कहने पर वह अपने सखा कृष्ण के पास चले तो गए बावजूद इसके उनका मन नहीं हुआ कि वह अपने सखा से अपने स्वार्थपूर्ति की मांग करें, लेकिन प्रभु कृष्ण ने यह पहले ही भांप लिया और सुदामा की भक्ति को देखकर उन्हें तीन लोकों का स्वामी बना दिया। अमराई बागसेवनिया में चल रही भागवत कथा में शुक्रवार को सुदामा चरित्र का वर्णन किया।

सातवें दिन आचार्य पं. अनिरुद्धाचार्य महाराज ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि द्वारपाल के मुख से पूछत दीनदयाल के धाम, बतावत आपन नाम सुदामा, सुनते ही द्वारिकाधीश नंगे पांव मित्र की अगवानी करने पहुंच गए। लोग समझ नहीं पाए कि आखिर सुदामा में क्या खासियत है कि भगवान खुद ही उनके स्वागत में दौड़ पड़े। कृष्ण-सुदामा चरित्र प्रसंग पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित

आयोजन मां वैष्णो देवी सांस्कृतिक उत्सव समिति की ओर से किया जा रहा है। कथा के बाद दोपहर में को सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन भी करवाया गया। सम्मेलन में चार जोड़े अटूट बंधन में बंध गए। समिति के नारायण सिंह परमार ने बताया कि शुक्रवार को कथा के समापन पर आए श्रृद्धालुओं ने भी नवविवाहित दंपतियों को उपहार दिए। उन्होंने बताया कि श्रृद्धालुओं द्वारा दिए गए उपहारों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक-एक कन्या को 100 -100 साडिय़ों उपहार में मिलीं।

जैन समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन छह को

भोपाल के स्वर्गीय बाबूलाल प्रधान मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा इस वर्ष भी जैन समाज का सामूहिक विवाह महोत्सव का आयोजन 6 मई को नंदीश्वर दीप जिनालय में किया जाएगा। यह ट्रस्ट का छठवां आयोजन होगा। इसमें 21 जोड़े दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगे। कार्यक्रम के दौरान सुबह 10 बजे सामूहिक बारात निकाली जाएगी।

दोपहर 12 बजे वरमाला एवं दोपहर 2 बजे भांवर की क्रियाएं होगी। पारिवारिक माहौल देने के लिए जैन समाज के सभी संगठनों के कार्यकर्ता सभी वैवाहिक रस्मों में मौजूद रहेंगे। इस मौके पर समाज के गणमान्य लोगों और संगठनों की ओर से आशीर्वाद स्वरूप वर-वधु को उपहार भी प्रदान किए जाएंगे। इस आयोजन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित मंत्रीमंडल के सदस्यों और अनेक जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।

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