भोपाल। आप जो भी खाते हैं उसके पीछे एक ही मकसद होता है कि वो शरीर को ऊर्जा प्रदान करे, स्वस्थ रखेे। लेकिन आज जिस तरह की हमारी दिनचर्या है, उससे बीमारियां बढ़ रही हैं। आमतौर पर हम या तो जरूरत से कम या ज्यादा खा रहे होते हैं या फिर गलत खानपान अपना रहे हैं। इसके साथ ही पॉल्यूशन, एल्कोहल, धूम्रपान, कॉस्मेटिक कपड़ों के जरिए डिटर्जेंट और मिलावटी तत्वों से शरीर में विषैले तत्व जमा हो रहे हैं।
समय पर डिटॉक्स डाइट लेते रहने से शरीर को राहत मिलती है। इन सब विषैले तत्वों, खाने के अधपचने या न पचने के कारण शरीर में फ्री-रेडिकल्स जनरेट होने लगते हैं। कैंसर का सबसे बड़ा कारण यही फ्री-रेडिकल्स हैं। इसके साथ ही ये एजिंग, कॉन्स्टिपेशन और अन्य कई बीमारियों का कारण भी बनते हैं।
डिटॉक्स डाइट फाइबर से भरपूर होती है, जिससे बॉडी के टॉक्सिन्स फ्लश आउट हो जाते हैं और शरीर का सिस्टम प्रॉपर वर्क करता रहता है। डिटॉक्स डाइट में आहार नियमित रूप से लेना है। लेकिन इसमें क्या खाना है और क्या नहीं ये जानना सबसे इम्पोर्टेंट है। कई बार इसे एक दिन लेना ही सही रहता है और कभी-कभी सप्ताह में तीन दिन लगातार लिया जा सकता है। डाइबिटीज और हार्ट पैशेंट्स डॉक्टर की सलाह से ही इस डाइट को शुरू करें।
अदरक और लहसुन का करें कच्चा प्रयोग
डिटॉक्स डाइट, फाइबर से भरपूर होती है। इसमें मोटा अनाज, मोटी दाल जैसे मूंग, मोंठ और छिलके वाली दाल जैसे मसूर की दाल या छिलका मूंग दाल का प्रयोग किया जाता है। हरी पत्तेदार सब्जियों को भी डाइट में शामिल करें। सब्जियों को सब्जी या सलाद दोनों के रूप में खाया जा सकता है।
अगर आप सब्जियों को सलाद के रूप में खा रहे हैं तो उपर से थोड़ा अदरक और लहसुन कच्चा ही ग्रेट करके खाएं। अदरक और लहसुन अच्छे एंटिऑक्सीडेंट्स हैं, जो फ्री-रेडिकल्स को खत्म करने में भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही जमीनी सब्जियां जैसे आलू या अरबी को अवॉइड करें। हरी पत्तेदार सब्जियां भी रेशे से भरपूर होती है जो कि बॉडी को डिटॉक्स करती हैं। डिटॉक्स डाइट में स्किम्ड मिल्क अच्छी भूमिका निभा सकता है। स्किम्ड मिल्क, स्कीम्ड मिल्क से बना दही या मठा शरीर को जरूर दें। दही और मठे में मौजूद बैक्टेरिया, आंतों को क्लीन कर उन्हें हैल्दी रखते हैं। जिससे कॉन्स्टिपेशन नहीं होता। डिटॉक्स डाइट के दिनों में नॉनवेज अवॉइड करें।
ऐसे करें डाइट प्लान
* सुबह खाली पेट एलोवीरा जूस, दो खजूर और एक मुट्ठी भीगे लेकिन बिना छिलके निकलें बादाम खाएं। बादाम इस डाइट का सबसे महत्वपूर्ण अंग है जो कि प्रोटीन और फाइबर से रिच है।
* नाश्ते में बॉइल दलिया और दाल का सूप या ब्राउन राइस और दाल का सूप या एक मल्टीग्रेन रोटी और दाल ले सकते हैं। इसके साथ भांप में पकी सब्जियां जैसे ब्रॉकोली, पालकए गाजरए टमाटरए खीरा खाएं। उपर से कसा हुआ कच्चा अदरक और लहसून डालें।
* लंच में मठा और कटे हुए फल या एक ग्लास स्किम्ड मिल्क विदाउट शुगर और एक बॉउल फू्रट्स ले सकते हैं। फलों में सेब, पपीता, अनार, केला, तरबूज, संतरा, मौसंबी लिया जा सकता है। संतरा और मौसंबी विटामिन सी से भरपूर फल हैं जो कि एक अच्छे एंटिऑक्सीडेंट की भूमिका निभाता है।
* इवनिंग स्नैक्स में लेमन ग्रास टीए व्हीट ग्रास वॉटर, एलोवीरा जूस, टर्मरिक टी ली जा सकती है। ये सभी रिच एंटिऑक्सीडेंट है। इसके सात एक मुट्ठी चना और मुरमुरा लें।
* डिनर में एक मल्टीग्रेन रोटी या एक कटोरी ब्राउन राइस या एक कटोरी वेजिटेबल दलिया या वेजिटेबल ओट्स लिए जा सकते हैं। वेजिटेबल दलिया या ओट्स में लौकी, गिलकी और पालक जैसी हल्की सब्जियां मिक्स की जा सकती है।
यह भी जरूरी
बीच-बीच में लेमन वॉटर विदाउट शुगर और मठा लिया जा सकता है। साथ ही दिन भर में तीन से चार चम्मच ऑलिव ऑइल जरूर लें।
स्टीम बाथ और मालिश से भी टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। ग्रीन टी पिएं इससे लिवर की सफाई होती है।