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श्रीजी मंदिर में डांडा रोपण के साथ हो जाती है धमार होली की शुरुआत, उड़ता है गुलाल, दस दिन बाद फूल होली

- प्रभु श्रीनाथ का विशेष श्रृंगार, गुलाल होली की शुरुआत, फूलों की होली 19 से  

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लखेरापुरा िस्थत श्रीजी मंदिर में फाल्गुन माह के पहले दिन होली डंडारोपण के साथ धमार होली की शुरुआत हो गई।

भोपाल. फाल्गुन माह की सोमवार से शुरूआत हो गई। उत्साह उमंग के इस माह में महाशिवरात्रि और होली पर्व की धूम रहेगी। फाल्गुन के साथ ही शहर के मंदिरों में इन दोनों पर्वेों की तैयारियां शुरू हो गई है। फाल्गुन माह में शहर में जगह-जगह फाग उत्सव के आयोजन भी किए जाएंगे। शहर के लखेरापुरा िस्थत श्रीजी मंदिर में फाल्गुन माह के पहले दिन होली डंडारोपण के साथ धमार होली की शुरुआत हो गई। इस मौके पर प्रभु श्रीनाथ का सफेद चाकदार बागा के साथ सिर पर मोर पंख, सोने के आभूषण से श्रृंगार किया गया। शाम को प्रभु श्रीनाथजी की
गौशाला में होली के डंडे की स्थापना की गई जिसमें कुमकुम, तिलक कर गुलाल से होली की डंडे की पूजन की गई और बूंदी का भोग लगाया गया।

धमार राग में गाया जाता है कीर्तन
श्रीजी मंदिर के श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मंदिर में 40 दिवसीय होली महोत्सव चलता है। होली डांडा रोपण से पुष्टिमार्ग में होली में वृद्धि हो जाती है। अब आगे चंदन, अबीर, लाल एवं पीली गुलाल से होली उत्सव होगा और पिचकारी से रंग उड़ाया जाएगा। इसी प्रकार 19 फरवरी से फूलों की होली के उत्सव शुरू होंगे। इस दौरान विशिष्ट वाद्य यंत्र भी बजाया जाता है जो कि साल में सिर्फ होली के समय ही बजाया जाता है । इसे डप कहते हैं और धमार राग में कीर्तन और होली के रसिया गाए जाते हैं, इसलिए इसे धमार होली कहते हैं।