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हिन्दू पंचांग में फाल्गुन महीने की पूर्णिमा की रात में होलिका दहन का उल्लेख है। इसके अगले दिन होली खेली जाती है। इस बार की होली के लिए ज्योतिषियों ने दोपहर 3:13 बजे से आरंभ होकर अगले दिन 23 मार्च तक के मुहूर्त का समय रखा है। लेकिन खेलने वाली होली 24 मार्च को बताया है।
शुभ मुहूर्त
शास्त्रों में मुहूर्त के अनुसार कार्य करने का उल्लेख बताया गया है। इसलिए लोग हर पर्व एवं त्यौहार से पहले शुभ मुहूर्त जानना चाहते हैं। लेकिन इसके साथ ही मुहूर्त और शास्त्रों में त्यौहार के बीच कुछ धार्मिक कर्म-कांड करने का भी जिक्र है। हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं जिन्हें करने से आपको पूरे साल में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होगी।
मंत्रों का करें जप
होली के दौरान यदि आप कुछ मंत्रों का जप करें तो इससे आपको महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती हैं। होली वाली रात महालक्ष्मी सहित इष्ट देवी-देवताओं की विधिवत पूजा करनी चाहिए। खासकर महालक्ष्मी जी के मंत्रों का जप जरुर करें। इस मंत्र जप को आप 108 बार या 1008 बार किया जा सकता है। मंत्र जप के लिए कमल के गट्टे की माला का उपयोग करें। इस मंत्र का जप करें - मंत्र: 1. ऊँ श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
निर्देशा का भी रखे ध्यान
जो मंत्र आपको ऊपर बताए गए हैं उसे करने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले तो आप पूजा शुरू करने से पहले शास्त्रानुसार नहाकर साफ कपडे पहनकर तैयार हो जाएं।
क्या होगी पूजा की सामग्री
महालक्ष्मी को कमल के फूल, चंदन, केसर, पीला वस्त्र, इत्र व मिठाई अर्पित करें। फिर कुश के आसन पर बैठकर कमल गट्टे की माला से मंत्र का जप करें। होली बीतने के बाद भी हर शुक्रवार महालक्ष्मी का विशेष पूजन और इस मंत्र का जप करना चाहिए।
होली की रात महालक्ष्मी उपाय
महालक्ष्मी के इन उपायों को होली की रात करें। उदाहरण के लिए विवाह बाधा दूर करने का उपाय- होली की रात अगर आपके घर किसी के विबाह में बाधा आए तो एक आसान पूजा से इस बाधा को दूर किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति विवाह योग्य है और कुंडली के दोषों के कारण कई प्रयासों के बाद भी विवाह नहीं हो पा रहा है तो इस उपाय से कुंडली के दोष शांत हो सकते हैं।
शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीज़ें
होली पर पान का 1 साबूत पत्ता, 1 साबूत सुपारी एवं हल्दी की गांठ लेकर शिव मंदिर जाएं। पान के पत्ते पर सुपारी और हल्दी की गांठ रखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इसके बाद घर लौटें और घर लौटते समय पीछे पलटकर न देखें। यही प्रयोग अगले दिन फिर करें।
इससे शांत होते हैं ग्रह
इस उपाय से विवाह योग को काट रहे ग्रह धीरे-धीरे शांत हो जाते हैं। मान्यता है कि इस उपाय से शिवजी की कृपा प्राप्त होती है और विवाह की बाधा और कुंडली के दोष शांत हो सकते हैं।