
Patrika Raksha Kavach Abhiyan : मध्य प्रदेश की साइबर पुलिस ऑनलाइन जालसाजों का भांडा लगातार फोड़ रही है। बावजूद इसके यहां ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। साइबर ठगी से बचने का तरीका सिर्फ जागरूकता है। इसी के चलते पत्रिका.कॉम भी 'रक्षा कवच अभियान' के तहत अपने पाठकों को जागरूक कर ठगी का शिकार होने से बचाने का प्रयास कर रहा है। पाठकों की जागरूकता के लिए डिजिटल अरेस्ट से जुड़ा एक मामला राजधानी भोपाल से सामने आया है। यहां एक जागरूक शख्स न सिर्फ अपनी सूझबूझ से खुद ठगी का शिकार होने से बचा, बल्कि उसने वीडियो कॉल पर बात कर रहे जालसाज का वीडियो रिकॉर्ड कर उसे बेनकाब कर दिया है।
जागरूकता के चलते डिजिटल अरेस्ट होने से बचा शख्स भोपाल के शाहपुरा इलाके के रहने वाला है। शख्स का नाम अनिरुद्ध बताया जा रहा है। जालसाज अपनी बातों में उलझाकर धीरे धीरे अनिरुद्ध से जानकारियां प्राप्त कर रहा था। पुलिस की वर्दी पहनकर बैठे जालसाज ने बातों बातों में अनिरुद्ध से उसके आधार का नंबर मांग लिया। अनिरुद्ध ने जब इसका कारण पूछा तो सामने से जवाब दिया गया कि हम ये कनफर्म करना चाहते हैं कि जिस शख्स के साथ ठगी हुई है, क्या आप वही हो। इसके जवाब में शख्स ने ठग से ऐसा सवाल पूछ लिया, जिसे सुनते ही ठग ने तुरंत कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया।
ठग द्वारा आधार नंबर मांगने पर अनिरिद्ध ने पलटकर सवाल किया कि 'आप ये पूरा सेटअप कैसे बनाते हो, बहुत मेहनत लगती होगी?' जैसे ही ठग ने ये बात सुनी उसे समझ आ गया कि उसका भांडा फूट चुका है। 'आपकी सेवा के लिए ही बैठे हैं..' कहते हुए शातिर ठग ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। हालांकि, शख्स ने दावा किया कि फोन डिसकनेक्ट करने के बाद ठग उसे बाद में भी बार बार कॉल करता रहा। हालांकि, अनिरुद्ध ने दोबारा उसका कॉल रिसीव नहीं किया।
पहले टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बनकर शातिर ठग ने नंबर के मिस यूज होने का झांसा दिया था। युवक ने डिजिटल अरेस्ट का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और इसी वीडियो के हवाले से मामले की शिकायत साइबर पुलिस में कर दी है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
Updated on:
14 Dec 2024 04:25 pm
Published on:
14 Dec 2024 04:22 pm
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