
MP में नहीं करुंगा कांग्रेस का प्रचार! दिग्विजय सिंह, जानिये ऐसा क्यों बोले कांग्रेस के ये दिग्गज नेता
भोपाल। मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा के चुनाव होने हैं इसी के चलते प्रदेश में चुनाव की सरगर्मी बनी हुई है। कांग्रेस सहित भाजपा ने जहां पार्टी के प्रचार प्रसार को लेकर कमर कस ली है। वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के दिग्गज नेता ने पार्टी के प्रचार प्रसार से किनारा कर लिया है।
दरअसल कांग्रेस के प्रचार की कमान जहां खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संभाली है, वहीं पार्टी के बड़े नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हल्के-फुल्के अंदाज में ही सही, लेकिन प्रचार से किनारा करने का ऐलान कर दिया किया है।
जानकारी के अनुसार भोपाल में दिग्विजय सिंह से मिलने पहुंचे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से कहा कि जिसको टिकट मिले, चाहे वह दुश्मन ही क्यों ना हो, उसे जिताओ। मेरा काम तो केवल एक है कि कोई प्रचार नहीं, कोई भाषण नहीं।' इसके आगे उन्होंने ये भी कहा कि मेरे भाषण देने से कांग्रेस के वोट कट जाते हैं, इसलिए मैं अब वहां जाता ही नहीं।'
वहीं राजनीति के जानकारों का भी मानना है कि दिग्विजय प्रदेश की राजनीति में इन दिनों उस तरह खुलकर सामने नहीं आते हैं, जितना उनके कद के किसी नेता को होना चाहिए। वह वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस की समन्वय समिति के अध्यक्ष भले ही हों, लेकिन प्रचार की जिम्मेदारी पूरी तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ ने संभाल रखी है।
दिग्विजय का बयान और मायावती का कांग्रेस से किनारा:
दरअसल दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में बीएसपी और कांग्रेस के गठबंधन पर अपने बयान में कहा था कि मायावती सीबीआई के डर से गठबंधन में शामिल नहीं हो रही हैं।
इसके ठीक बाद मायावती ने दिग्विजय के इसी बयान को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मायावती ने दिग्विजय सिंह को संघ का एजेंट बताते हुए कहा कि सोनिया और राहुल गांधी के ईमानदार प्रयासों के बावजूद उनके जैसे कुछ नेता नहीं चाहते कि कांग्रेस-बीएसपी गठबंधन हो।
दिग्विजय सिंह ने बनाई दूरी...
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को वोटिंग होनी है, उससे पहले कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत वहां झोंक दी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी राज्य के लगातार दौरे कर रहे हैं।
इसी के चलते सोमवार को ग्वालियर में राहुल गांधी ने रोड-शो किया। जबकि आज यानि मंगलवार को भी वो श्योपुर, सबलगढ और जौरा में जनसभा व जौरा से मुरैना तक रोड-शो भी करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और चुनाव अभियान प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया साथ होंगे।
जानकारों का कहना है कि इससे पहले भी राहुल गांधी के रोड शो और रैलियों में भी कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया नजर आते हैं, जबकि दिग्विजय सिंह नदारद रहते हैं।
सोमवार को राहुल ने जब ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर में और दतिया स्थित मां पीताम्बरा शक्तिपीठ में जाकर पूजा-अर्चना की तो उनके साथ कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया थे। लेकिन दिग्विजय नहीं दिखे।
वहीं सूत्रों की मानें तो दिग्विजय सिंह का ये भाषण मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विभाजन को दर्शाता है। हालांकि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस, भाजपा के खिलाफ मजबूत दावेदारी पेश करने के लिए काफी संघर्ष कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि mp कांग्रेस पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
ऐसे समझें पूरा मामला...
दरअसल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का इन दिनों एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें दिग्विजय खुद कह रहे हैं कि उनके प्रचार करने से कांग्रेस के वोट कट जाते हैं इसलिए वे प्रचार करने नहीं जाते हैं। पिछले दिनों भोपाल में जीतू पटवारी के घर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने जब घर के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ देखी तो सबके सामने जीतू पटवारी को नसीहत दे डाली।
वायरल वीडियो में दिग्विजय सिंह कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी को काम करने की नसीहत देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिग्विजय सिंह जीतू पटवारी से कह रहे हैं कि ख्वाब देखते रह जाओगे, अगर काम नहीं किया तो सरकार नहीं बनेगी।
टिकट के दावेदारों को भी डांटने वाले अंदाज में दिग्विजय कह रहे हैं, जिसको टिकट मिले उसको जिताना है। चाहे वो दुश्मन ही क्यों न हो। इसके बाद दिग्विजय खुद को प्रचार से दूर रहने का कारण बताते हुए कह रहे हैं कि उनके भाषण देने से कांग्रेस के वोट कट जाते हैं।
दिग्विजय सिंह का ऐसे समय यह बयान सामने आया है, जब पिछले कई दिनों से दिग्विजय सिंह को कांग्रेस के अंदर दरकिनार किए जाने और उनकी उपेक्षा की बातें जोरशोर से चल रही हैं।
Published on:
16 Oct 2018 02:41 pm
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