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भोपाल .शहर में 50 से ज्यादा डॉक्टर ऐसे हैं जो अंग्रेजों के जमाने से डॉक्टरी कर रहे हैं, यही नहीं इन डॉक्टरों की उम्र 115 साल से भी ज्यादा है। यह हम नहीें खुद मप्र मेडिकल काउंसिल के रिकॉडज् कह रहे हैं। काउंसिल के रिकॉडज् के मुताबिक प्रदेश में 1200 से ज्यादा डॉक्टर ऐसे हैं जिनकी उम्र 90 से 100 साल के ऊपर है।
हालांकि यह गड़बड़ी काउंसिल के रजिस्ट्रेशन नियमों के चलते हुई है। दरअसल, काउंसिल में एक बार पंजीयन के बाद इन डॉक्टरों का नाम काटने का कोई नियम नहीं है। यही कारण है कि जिन डॉक्टरों ने काउंसिल के गठन (1939) के समय रजिस्ट्रेशन कराया था, रिकॉडज् के मुताबिक वे आज तक इलाज कर रहे हैं।
35 की उम्र में रजिस्ट्रेशन, अब उम्र 115 साल
काउंसिल का गठन 1939 में किया गया था, तब इसे महाकौशल मेडिकल काउंसिल कहा जाता था। एक व्यक्ति की मेडिकल पीजी डिग्री 35 वषज् की उम्र में पूरी होती है। 1939 में जो व्यक्ति 35 साल होगा उसकी उम्र अब 115 साल होगी।
काउंसिल के रिकाडज् में 45600 डॉक्टर, हकीकत में 30 हजार से कम
मप्र मेडिकल काउंसिल में अब तक 45600 डॉक्टरों का पंजीयन हुआ है। काउंसिल में इनका जीवित पंजीयन है, लेकिन हकीकत में डॉक्टरों की संख्या 30 हजार से भी कम है। वजह, हर साल 600 से 800 डॉक्टर एनओसी लेकर दूसरे राज्यों में चले जाते हैं। कुछ डॉक्टरों की मौत हो जाती है।
हर साल कम होते हैं 800 डॉक्टर
प्रदेश में अभी हर साल करीब 2000 डॉक्टर तैयार होते हैं। इनमें से हर साल 600 से 800 डॉक्टर एनओसी लेकर दूसरे राज्य में चले जाते हैं। वहीं इसके अलावा कुछ डॉक्टरों की मृत्यु हो जाती है। इस तरह हर साल प्रदेश को करीब 1000 डॉक्टर मिल रहे हैं।
Published on:
08 Feb 2020 07:46 pm
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