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हवाई पट्टी पर रनवे की सुरक्षा करेंगे देशी नस्ल के कुत्ते

मप्र पुलिस के डॉग स्क्वॉड में जल्द ही देसी नस्ल के 20 कुत्ते शामिल होंगे

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हवाई पट्टी पर रनवे की सुरक्षा करेंगे देशी नस्ल के कुत्ते

हवाई पट्टी पर रनवे की सुरक्षा करेंगे देशी नस्ल के कुत्ते

मनीष कुशवाह
भोपाल. छिपे हुए खतरे को सामने लाने के साथ ही अपराधियों की धरपकड़ और नशीले पदार्थों का पता लगाने में माहिर मप्र पुलिस के डॉग स्क्वॉड में जल्द ही देसी नस्ल के 20 कुत्ते शामिल होंगे। तमिलनाडु से लाए गए छह नस्ल के इन कुत्तों की ट्रेनिंग 23वीं बटालियन के राज्य श्वान प्रशिक्षण शाला में चल रही है। एक महीने की ट्रेनिंग पूरी हो गई है। अब खूबियों के मुताबिक ट्रेड दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण स्कूल में अभी तक स्निफर, ट्रैकर और नारको टे्रड में कुत्तों को प्रशिक्षित किया जाता है। अब वॉच डॉग ट्रेड में भी प्रशिक्षित करने की तैयारी है।


इस ट्रेड में प्रशिक्षित कुत्तों की तैनाती हवाई पट्टियों पर होगी, जो रनवे को पशु-पक्षियों से सुरक्षित करेंगे। ट्रेड शुरू करने आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। संबंधित ट्रेड के लिए ट्रेनिंग नौ माह तक चलेगी।

-167 ट्रेंड कुत्तों की है प्रदेश में तैनाती
-400 से ज्यादा कुत्तों को कर चुके हैं ट्रेंड


नस्ल संख्या
मुधोल हाउण्ड 06
रामपुर हाउण्ड 04
राजा पलायम 04
चिप्पा पराई 02
कन्नी 02
कोम्बाई 02
पीएम नरेंद्र मोदी ने देसी नस्ल के कुत्तों को बढ़ावा देने की बात कही थी। इसी के तहत ट्रेनिंग दी जा रही है।

तमिलनाडु से लाए 20 श्वान


पहले भी तमिलनाडु से 20 श्वान लाए गए थे, पर वायरस की चपेट में आने से कुछ की मौत हो गई थी। इस बार कुत्तों को पहले राजधानी के मौसम के अनुकूल बनाया गया और इसके बाद ट्रेनिंग शुरू की गई।

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खतरों को भांपने की क्षमता


खतरों को भांपने की क्षमता इन कुत्तों में अन्य की तुलना में बेहतर है। कद में ये सामान्यत: ऊंचे होते हैं। सीखने की क्षमता बेहतर है। प्रशिक्षण स्कूल में जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर समेत अन्य विदेशी नस्ल के कुत्तों को ट्रेंड किया जाता रहा है।

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यहां है तैनाती

प्रशिक्षण स्कूल से अब तक 18 बैच निकल चुके हैं। यहां से 400 से अधिक कुत्तों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश में 167 कुत्ते तैनात हैं।

देसी नस्ल के 20 कुत्तों को ट्रेंड किया जा रहा है। पहले स्थानीय पर्यावरण और मौसम के अनुकूल किया गया। अब इनको ट्रेड के हिसाब से ट्रेनिंग दी जाएगी। नौ महीने ट्रेनिंग के बाद ये कुत्ते तैनाती के लिए तैयार होंगे।
-अनिता प्रभा शर्मा, डीएसपी (प्रशासन) डॉग स्क्वॉड