
भोपाल। कनाडिय़ा बायपास पर शुक्रवार दोपहर करीब पौने 4 बजे दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की बस का स्टीयरिंग फेल होने से बस डिवाइडर लांघकर ट्रक से जा भिड़ी। इस भीषण हादसे में स्कूल के चार बच्चों और बस ड्राइवर की मौत हो गई। लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने ट्वीट कर इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। साथ ही गृहमंत्री ने मामले की जांच के आदेश भी दिए हैं। उधर इंदौर से खबर है कि घटना के बाद मृतक बस चालक को ही घटना का दोषी मानते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है। उस पर 307 एवं अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
ड्राइवर ने बताया था बस की कंडीशन ठीक नहीं
डीपीएस के दसवीं के छात्र हरमन सिंह ने कहा कि बस ड्राइवर राहुल ने उसे बताया था कि बस की कंडीशन ठीक नहीं थी। खिड़कियां हिलती हैं। कुछ बड़ा मैकिनिकल फॉल्ट है। प्रबंधन मेरी नहीं सुन रहा, तुम शिकायत करो। हरमन ने रुआंसे होते हुए बताया कि हादसे में राहुल भैया की तो मौत हुई ही, मेरे सबसे अच्छा दोस्त स्वास्तिक पंड्या की भी मौत हो गई। हादसा मैं कभी भुला नहीं पाऊंगा।
यह है बस की स्थिति
RTO डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में हादसे का कारण स्टीयरिंग फेल होना सामने आया है। बस (एमपी 09 एफए 2029) में 15 बच्चे मौजूद थे। परिवहन विभाग के मुताबिक 2003 में बनी टाटा कंपनी की इस बस को डीपीएस के नाम पर 2009 में ट्रांसफर किया गया था। बस 32 सीटर थी। परमिट अक्टूबर 2018 तक था, फिटनेस दिसंबर 2018 तक थी और बीमा मार्च 2018 तक था।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी और आरटीओ को जांच कर तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
-भूपेंद्र सिंह, गृहमंत्री
इस दु:ख की घड़़ी में बच्चों के परिवार स्वयं को अकेला न समझें। मैं और प्रदेश की 7 करोड़ जनता साथ हैं।
-शिवराज सिंह चौहान, सीएम
घटना सुनकर मैं स्तब्ध हूं। यह नियति का क्रूरतम प्रहार है। मासूम बच्चों का इस तरह जाना हृदय विदारक है।
सुमित्रा महाजन, लोकसभा स्पीकर
4 दिन पहले बर्थडे
कृति के दादाजी फूट फूट कर रो रहे थे। उन्होंने कहा कृति का ४ दिन पहले जन्मदिन था। हमने उसकी लंबी उम्र की दुआ मांगी थी, लेकिन किसे पता था कि जिंदगी सिर्फ चार दिन की ही बची थी।
बिटिया की आंखें दान
श्रुति के पिता ने रोते हुए बताया कि उन्हें जिंदगीभर अफसोस रहेगा कि वे सुबह अपनी बिटिया को बाय नहीं कह पाए। उसका मुस्कुराता चेहरा नहीं देख पाए। पिता ने श्रुति की आंखें डोनेट करने का फैसला किया है।
कक्षा 3 से 7वीं तक के 15 बच्चे थे
हरप्रीत कौर, श्रुति लुधियानी, स्वतिस्क पंड्या, कृति अग्रवाल एवं ड्राइवर राहुल की मौत हो गई। बच्चों की मौत की पुष्टि संभागायुक्त संजय दुबे ने की है। बताया जा रहा है बस नंबर २७ में कक्षा ३ से सातवीं के १५ बच्चे मौजूद थे। कुछ बच्चों को बस ने उनके स्टॉप पर छोड़ दिया था।
चीत्कार से गूंजा बायपास
दुर्घटनास्थल बिचौली हप्सी ब्रिज पर बच्चों की चीख-चीत्कार गूंजने लगी। यहां बच्चों के बैग, बोतल, टिफिन और खून से सने जूते पड़े थे। स्कूल की दूसरी बस से घायलों को बॉम्बे अस्पताल पहुंचाया गया।
Published on:
06 Jan 2018 10:41 am
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