अपने गुरु बाला साहब पूंछवाले और उनके पिता के संगीत पर डॉ. गोहदकर किताब लिख चुके हैं। राजा भैया पूंछवाले स्वरांग दर्शन शीर्षक से लिखी गई किताब में ग्वालियर घराने के टप्पा, अष्टपदी, तराने और ख्याल को विस्तार से बताया गया है। जिसमें राजा भैया माहिर थे। डॉ. गोहदकर वर्तमान में शारदानाथ संगीत महाविद्यालय थाटीपुर में नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं।