20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नाटक में दिखाया प्यार का दिखावा कर एक औरत किस तरह अपने काम निकलवा लेती है

शहीद भवन में नाटक 'पढ़िए कलिमा' का मंचन

less than 1 minute read
Google source verification
drama.jpg

भोपाल। शहीद भवन में चल रहे एकजुट नाट्य समारोह के अंतिम दिन रविवार को नाटक पढ़िए कलिमा का मंचन किया गया। सआदत हसन मंटो द्वारा लिखित इस नाटक का हिंदी रूपांतरण राजेश कुमार ने किया एवं निर्देशन सादात भारती ने किया। 50 मिनट की इस प्रस्तुति में बालेंद्र सिंह बालू ने एक अभिनय का दिल जीत लिया। इस दौरान उन्होंने 6 किरदार को निभाया। वहीं नाटक की खास बात यह ही है इसमें शिव कुमार शर्मा, और रवि शंकर के म्यूजिक को लिया है।

अब्दुल रुकमा के प्यार में पागल है

नाटक की कहानी अब्दुल करीम नामक किरदार के पुलिस थाना में अपनी आपबीती बताने से शुरू होती है। इसमें वो अपने और रुकमा के संबंध के बारे में बताता है। अब्दुल 35 रुपए का मुलाजिम है और किराया वसूल करता है। यहीं उसकी मुलाकात रुकमा से होती है और रुकमा उससे प्यार का नाटक करके उससे अपने मनमर्जी काम करवाती है। वह अपने पति को मार के लाश को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी अब्दुल को देती है। अब्दुल इसके प्यार में इतना पागल है कि वो इस काम को अंजाम तक पहुंचाता है कि अब वह रोज रुकमा से मिल सकेगा, लेकिन वह इससे छुटकारा पाने के लिए किसी दूसरे प्रेमी का सहारा लेती है, लेकिन कामयाब नहीं हो पाती एवं वो उस जगह से नदारद हो जाती है।