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अगर आपको बुखार आ रहा है तो बिल्कुल न पिएं गरम पानी, हो सकती है ये बीमारी

पानी की सही मात्रा बॉडी के तापमान को सही रखता है...

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drinking water

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भोपाल। प्यास लगी हो तो एक गिलास पानी से बेहतर दुनिया की कोई ड्रिंक नहीं। पानी आपकी बॉडी को हाइड्रेट रखने का काम करता है। लेकिन पानी के भिन्न-भिन्न तापमान का शरीर पर अलग-अलग तरह से प्रभाव होता है। जानते हैं इसके बारे में। पानी की एक सही मात्रा को अपनी डाइट में शामिल करके आप लगभग 70 कैलोरी तक बर्न कर सकती हैं। इसलिए अगर आप किसी भी दिन वर्कआउट करना मिस भी कर देती हैं तो बॉडी पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। ऐेसे लोग जो कि रेगुलर वर्कआउट करते हैं उन्हें अपने रूटीन में पानी की ज्यादा मात्रा शामिल करने की जरूरत होती है। डॉयटीशियन पवित्रा श्रीवास्तव बता रही हैं कि बुखार के समय कैसा पानी पीना चाहिए...

बुखार के समय

जब हमें बुखार होता है तो उस समय बॉडी का तापमान बढ़ जाता है क्योंकि शरीर बैक्टीरिया और वायरस से लडऩे के लिए अपना तापमान बढ़ा लेता है। ऐसे में अगर आप सामान्य या ठंडे पानी को सही मात्रा में पीते रहती हैं तो बॉडी का तापमान ठीक बना रहता है और बुखार नहीं बढ़ पाता। लेकिन इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि पानी साफ स्रोत से लिया गया हो।

इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा बनी रहती है

बुखार के दौरान ठंडा पानी पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा बनी रहती है। इसके लिए आप सामान्य पानी में थोड़ी सी नीबू के रस की मात्रा या ओआरएस शामिल कर सकती हैं। यह आपको काफी रिफ्रेश व ऊर्जा देने का काम करता है और बुखार के बाद आने वाली कमजोरी को दूर करता है।

लिक्विड डाइट

यदि आप सिरदर्द से पीड़ित हैं, तो एक गिलास पानी आपको आराम पहुंचाने में मदद कर सकता है। शरीर के लिए ठंडे और गर्म पानी के अपने-अपने लाभ हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि हमारा शरीर उन्हें किस रूप में स्वीकार कर पाता है। कई मामलों में पानी शरीर की मरम्मत करने का भी काम करता है इसलिए इसे लिक्विड डाइट के रूप में लेते रहें।

बहुत है उपयोगिता

पानी के अलग-अलग तापमान के महत्व के बारे में आयुर्वेद में भी वर्णन किया गया है। अगर आपको बुखार आ रहा हो तो गरम पानी न पिएं, इससे आपको टायफाइड भी हो सकता है। आपको बता दें कि ऐसी कई परिस्थितियां होती हैं जब आपके लिए ठंडा पानी पीना उपयोगी माना गया है। जब व्यायाम करते हैं तो हमारा शरीर पसीने के माध्यम से टॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करता है। इस पूरे प्रोसेस के दौरान पसीना बॉडी के तापमान को गर्म से ठंडा करने का प्रयास करता है। यह एक नेचुरल प्रोसेस है। इस दौरान शरीर से काफी पानी व इलेक्ट्रोलाइट शरीर से बाहर निकल जाता है और बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है। वजन कम करने की सोच रही हैं तो वेट लॉस प्रोग्राम में नॉर्मल वाटर को शामिल करें।