1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जहरीली सब्जियों को कैसे पहचानें, यूज से पहले इन्हें धोने का सही तरीका क्या है?

Zehrili sabziyan kaise pehchane: एमपी की राजधानी भोपाल के बाजारों में जहरीली सब्जियों की धड़ल्ले से की जा रही बिक्री, खरीदने जा रही हैं, तो इन बातों का रखें खास ख्याल, सीवेज के पानी या केमिकल के यूज से तैयार सब्डजियों की पहचान कैसे करें, सब्जियों को धोने का सही तरीका जान लें तो सेहत नहीं होगी खराब...

2 min read
Google source verification
patrika zehar roko abhiyan

patrika zehar roko abhiyan(photo:patrika)

zehrili sabziyan kaise pehchane: शहर के पातरा नाले से भानपुर, करोंद से कोलार और सलैया से भोजपुर तक फैले हजारों एकड़ खेतों में इन दिनों हरियाली तो दिख रही है, लेकिन ये सेहत के लिए खतरनाक है।भोपाल के नालों के गंदे पानी (सीवेज) से उगाई गई सब्जियां बिट्ठल मार्केट, एमपी नगर और न्यू मार्केट जैसी प्रमुख मंडियों में धड़ल्ले से बिक रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जो सब्जियां दिखने में ताजी और चमकदार हैं, वही सबसे ज्यादा जहरीली हो सकती हैं। एक्सपर्ट ने बताया कि खरीदारी करते समय आम उपभोक्ता कुछ संकेतों से सीवेज की सब्जियों की पहचान कर सकते हैं।

जहरीली सब्जियां कैसे पहचानें (zehrili sabziyan kaise pehchane)

1. असामान्य आकार : सीवेज के पानी में मौजूद नाइट्रोजन और फास्फोरस सब्जियों को प्राकृतिक आकार से बड़ा बना देते हैं। लौकी या बैंगन जरूरत से ज्यादा बड़े और फूले हुए दिखे, तो सावधान हो जाएं।

2. अत्यधिक चमक और गहरा रंग: गंदे पानी, रसायनों के कारण पालक-मैथी जैसी सब्जियां सामान्य से ज्यादा गहरे रंग की दिखती हैं।

3. दुर्गंध का अहसास: सब्जियों को सूंघने पर मिट्टी के बजाए सीवेज या रसायनों की गंध आती है।

4. जल्दी सडऩा: साफ पानी की सब्जी 2-3 दिन तक ताजी रहती है, जबकि सीवेज की सब्जी घर लाते ही या फ्रिज में रखे-रखे काली पडऩे लगती है।

5. स्वाद में कड़वाहट: पकने के बाद इन सब्जियों का स्वाद कसैला या कड़वा हो सकता है, जो उनमें मौजूद हैवी मेटल्स की निशानी है।

ऐसे रखें सेहत का ख्याल

-सब्जियों को पहले गुनगुने नमक के पानी या सिरके के पानी में 15 मिनट तक डुबोकर रखें।

-कोशिश करें कि ऑर्गेनिक या सीधे खेत से आने वाली विश्वसनीय सब्जियों का ही चुनाव करें।

-छिलके वाली सब्जियों (जैसे लौकी, तरोई, गिल्की) का छिलका उतारकर ही उपयोग करें।

एक्सपर्ट व्यू-शरीर में जमा हो रहा है लेड और कैडमियम

सीवेज के पानी में लेड, कैडमियम, क्रोमियम और मरकरी जैसे भारी तत्व होते हैं। ये सब्जियां धोने से साफ नहीं होती क्योंकि ये तत्व पौधे के टिश्यूज के अंदर तक चले जाते हैं। इनका लगातार सेवन करने से पाचन तंत्र खराब होता है, किडनी की कार्यक्षमता घटती है और लंबे समय में यह कैंसर का कारण भी बन सकता है।

-डॉ. पद्मा भाटिया, क्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ, जीएमसी

Story Loader