
कोरोना काल में विश्राम घाटों से कई परिजन नहीं ले जाए पाए दिवंगतों की अस्थियां, समितियों ने गंगा, नर्मदा में कराया विसर्जन,कोरोना काल में विश्राम घाटों से कई परिजन नहीं ले जाए पाए दिवंगतों की अस्थियां, समितियों ने गंगा, नर्मदा में कराया विसर्जन,कोरोना काल में विश्राम घाटों से कई परिजन नहीं ले जाए पाए दिवंगतों की अस्थियां, समितियों ने गंगा, नर्मदा में कराया विसर्जन
भोपाल
इन दिनों पितृपक्ष पखवाड़ा चल रहा है। सनातन धर्म में पितृपक्ष पखवाड़े में पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान, श्राद्धकर्म करने का विधान है, इससे पितरों को आत्मशांति मिलती है और परिजनों को पितरों का आशीर्वाद मिलता है। दूसरी ओर कोरोना काल में कई लोग असमय ही इस दुनिया को छोडक़र चले गए। शहर के विश्राम घाटों में कोरोना काल के कई दिवंगतों की अस्थि कलश रखे हुए थे, जिन्हें मोक्ष का इंतजार था। परिजन किसी कारणवश अस्थि कलश लेकर नहीं जा पाए। एेसे अस्थि कलशों को मोक्ष दिलाने के लिए विश्राम घाट समितियां आगे आई है। सुभाष नगर विश्राम घाट से57 अस्थि कलश होशंगाबाद भेजे गए जहां विधिविधान के साथ कलशों का विसर्जन कराया गया, वहीं दूसरी ओर भदभदा से 115 कलश गंगा में प्रवाहित करने के लिए इलाहबाद भेजे हैं।
अस्थि कलश लेकर रथ होशंगाबाद रवाना
सुभाष नगर विश्राम घाट और संस्कार सेवा समिति की ओर से 57 अस्थि कलश विसर्जन के लिए होशंगाबाद रवाना हुए। एक रथ में अस्थि कलश रखे हुए थे और कई चार पहिया वाहन इस अस्थि कलश यात्रा में शामिल थे। शहर के विभिन्न मार्गों से होतेे हुए यह यात्रा होशंगाबाद के लिए रवाना हुई, जहां विधिवत मंत्रो"ाार के साथ अस्थि कलशों का विसर्जन किया गया। सुभाष नगर विश्राम घाट के शोभराज सुखवानी ने बताया कि कोरोना काल में कई परिजन किसी कारणवश या जानकारी के अभाव में अपने पूर्वजों की अस्थियां नहीं ले जा पाए थे। एेसे कलशों का विधि विधान के साथ विसर्जन किया गया।
इलाहबाद के लिए भेजे अस्थि कलश
सामाजिक सरोकार की भावना को लेकर भदभदा विश्राम घाट में श्राद्ध पक्ष में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार और वैश्विक महामारी कोरोना के समय काल कलवित हुई कई मृतक देहो की अस्थियां जिन्हें उनके परिजन लंबे समय से भदभदा विश्राम घाट से नही ले गए थे । उन अस्थियों को पूर्ण विधि विधान से पंडितों द्वारा पूजा कराकर भदभदा से समाजसेवी आर के पासी, रविंद्र कृष्णन और जीवनलाल साहू के माध्यम से इलाहाबाद गंगा नदी में प्रवाहित करने के लिए भेजा गया। विश्राम घाट के सचिव ममतेश शर्मा ने बताया कि विश्राम घाट से कुल 115 अस्थि कलश भेजे गए। इसमें 35 भदभदा विश्राम घाट के हैं और शेष कोलार और खंडवा के विश्राम घाट से संग्रहित किए गए हैं।
Published on:
27 Sept 2021 12:01 am
