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8 माह में जबर्दस्त उछाल, चार गुना हुईं ई-व्हीकल, जानिए क्यों बढ़ा रुझान

एमपी की राजधानी भोपाल में ई-व्हीकल के प्रति तेजी से रुझान बढ़ रहा है।पिछले 8 महीने में ही इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में जबरदस्त उछाल आ गया है। प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन दर में जोरदार बढ़ोत्तरी हुई है। ज्यादातर लोग इसे पेट्रोल-डीजल-सीएनजी के रेट में वृद्धि का असर बता रहे हैं।

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भोपाल में ई-व्हीकल के प्रति तेजी से रुझान बढ़ रहा

एमपी की राजधानी भोपाल में ई-व्हीकल के प्रति तेजी से रुझान बढ़ रहा है।
पिछले 8 महीने में ही इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में जबरदस्त उछाल आ गया है। प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन दर में जोरदार बढ़ोत्तरी हुई है। ज्यादातर लोग इसे पेट्रोल-डीजल-सीएनजी के रेट में वृद्धि का असर बता रहे हैं।

पेट्रोल डीजल और सीएनजी के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते भोपाल में ई-व्हीकल की संख्या चार गुना बढ़ी है। आरटीओ में पहले जहां प्रतिदिन तीन वाहन ई व्हीकल श्रेणी में रजिस्टर्ड होते थे जो अब 16 तक पहुंच गए हैं।

ईंधन के बेहतर विकल्प के रूप में सिर्फ भोपाल शहर में ऐसे वाहनों की संख्या 4 गुना तक बढ़ गई है। सरकार ई व्हीकल के रजिस्ट्रेशन पर टैक्स में 9 फीसदी तक की रियायत दे रही है।

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क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संजय तिवारी बताते हैं कि ई व्हीकल के रजिस्ट्रेशन में बीते तीन महीने में इजाफा हुआ है। अतिरिक्त स्लॉट जारी कर रजिस्ट्रेशन तेजी से किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को परेशानी न हो।

अर्बन डेवलपमेंट एक्सपर्ट राजेंद्र कोठारी के अनुसार शहरीकरण में प्रदूषण कम करने का ई व्हीकल बेहतर विकल्प है। इसके लिए जरूरी है कि सरकार पेट्रोल पंप की तरह इनके चार्जिंग पाइंट भी बनाए ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।

ईंधन के ज्यादा दाम सबसे बड़ी वजह
बाजार में पेट्रोल डीजल के दामों में प्रतिदिन उछाल आ रहा है। वर्तमान में पेट्रोल 108 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है जबकि डीजल के दाम प्रति लीटर 95 रुपए के आसपास पहुंचने वाले हैं। इसी प्रकार सीएनजी बाजार में 90 रुपए प्रति लीटर तक उपलब्ध है जबकि एलपीजी के दाम 65 रुपए प्रति लीटर के आसपास बने हुए हैं। यही एक सबसे बड़ी वजह है कि चार पहिया वाहन चलाने वाले अब ई व्हीकल को विकल्प बना रहे हैं।

पेट्रोल-डीजल के 17.50 लाख वाहन:
पिछले दिनों आरटीओ की ओर से चलाए अभियान के बाद जिले में रजिस्टर्ड 17.50 लाख वाहनों में से केवल 60 प्रतिशत की पीयूसी जांच में मानक तय स्तर के मिले हैं। बाकी 40 प्रतिशत वाहनों के भयंकर धुंआ उगलने के चलते प्रदूषण बहुत बढ़ता जा रहा है। पीसीबी के एयर क्वालिटी इंडेक्स में भोपाल शहर की हवा में दोगुना तक खतरनाक पार्टिकल्स बढ़ चुके हैं।

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