
gst e way bill 219
भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब उन व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ सकती है जिन्होंने लगातार दो माह से जीएसटी रिटर्न नहीं भरा। दरअसल, व्यापारियों की सुविधा के लिए जीएसटी ऑनलाइन सुविधा दी गयी है। जिससे कभी भी जीएसटी रिटर्न भर सकते हैं।
लेकिन अब लापरवाही करने वाले व्यापारी 21 जून से माल के परिवहन के लिए E-way बिल नहीं निकाल सकेंगे। वहीं जीएसटी कम्पोजिशन स्कीम के तहत कंपनियां अगर लगातार दो बार (छह महीने) रिटर्न दाखिल नहीं करती हैं तो वे भी E-way बिल नहीं निकाल पाएंगी।
रिटर्न जमा करने की तारीख 21 जून
CBIC (केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड) द्वारा जारी नोटिफिकेशन में 21 जून, 2019 तक जीएसटी नियमों के तहत रिटर्न जमा करने की तारीख निश्चित की गयी है। इस अवधि में रिटर्न दाखिल नहीं किया गया तो माल भेजने वाला, माल पाने वाला, ई-कॉमर्स परिचालक और कूरियर एजेंसी पर E-way बिल निकालने पर रोक होगी।
अभी है ये नियम
वर्तमान व्यवस्था में अभी व्यापारियों को जीएसटी के तहत अगले महीने की 20 तारीख तक पिछले महीने का रिटर्न दाखिल करना होता है। वहीं कम्पोजिशन स्कीम का विकल्प चुनने वाले कारोबारियों को तिमाही के अंत के बाद अगले महीने की 18 तारीख तक रिटर्न दाखिल करने का नियम है।
E-way बिल क्या है ?
E-way बिल एक प्रकार का ऑनलाइन दस्तावेज है। जिसमें सप्लायर, ट्रांसपोर्ट और ग्राही की जानकारी दी होती है। किसी वस्तु का एक राज्य से दूसरे राज्य या फिर एक ही राज्य के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए E-way बिल बनाया जाता है। अगर वस्तु की कीमत 50,000 रुपए से ज्यादा है तो सप्लायर को इसकी जानकरी जीएसटीएन पोर्टल में दर्ज करानी होती है।
E-way बिल से लाभ?
- ई-वे बिल जेनरेट करने के लिए किसी कर कार्यालय या चेक पोस्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
- चेक पोस्ट पर कोई इंतजार नहीं करना पड़ता और समय की बचत होती है।
- E-way बिल यूजर फ्रेंडली सिस्टम है।
- कर अधिकारी द्वारा E-way बिल के सत्यापन में आसानी होती है।
Published on:
26 Apr 2019 02:37 pm
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