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मैनिट के विद्यार्थी बोले प्रैक्टिकल और वर्कशॉप के बिना पहला वर्ष 7 महीने में पूरा हो गया, दोबारा वही स्थिति बन रही

विरोध दर्ज कराने बीटेक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने किया ऑनलाइन कक्षाओं का बहिष्कार, प्रशासन की चेतावनी पर वापस लौटे

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भोपाल

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Sunil Mishra

Sep 03, 2021

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भोपाल. मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में बीटेक दूसरे वर्ष (तीसरा सेमेस्टर) के विद्यार्थी भौतिक रूप से कक्षाएं (ऑफलाइन कक्षाएं) नहीं लगने का विरोध दर्ज करा रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि पहला सत्र सिर्फ 7 महीने में पूरा हो गया। । संस्थान में भौतिक रूप से क्लास नहीं लगने के कारण सोशल और प्रैक्टिकल एक्सपोजर नहीं मिल रहा है। उन्हें किसी भी प्रैक्टिकल और वर्कशॉप का अनुभव नहीं मिला है। यही बात अब उनके दूसरे वर्ष में भी दोहराई जा रही हैं। जबकि इंजीनियरिंग के लिए प्रैक्टिकल नॉलेज अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए विद्यार्थियों का मानना है कि ऑनलाइन एजुकेशन इंजीनियिरिंग के लिए उचित नहीं है। इसलिए उन्होंने दो दिन तक ऑनलाइन कक्षाओं का बहिष्कार किया। किसी ने भी कक्षा ज्वॉइन नहीं की लेकिन संस्थान द्वारा दी गई चेतावनी के बाद शुक्रवार को कई छात्रों ने वापस कक्षाएं ज्वॉइन कर ली है। इनकी संख्या एक हजार से अधिक है।

दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों ने विरोध दर्ज कराने चेतावनी जारी कर कहा था कि वे ऑनलाइन कक्षाओं में नहीं आएंगे जब तक कि प्रशासन ऑफलाइन पढ़ाई करने अथवा हॉस्टल खोलने की संभावित तारीख घोषित नहीं करता या फिर इस संबंध में प्रशासन के साथ सीधी मीटिंग नहीं कराता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा कक्षाओं में बंक नहीं मारा यह विरोध स्वरूप सामूहिक रूप कक्षाओं का बहिष्कार किया है। विद्यार्थियों ने प्रशासन की बात मान ली है। । लेकिन इस संबंध में विद्यार्थी आगे भी विरोध दर्ज करा सकते हैं।

अभिभावकों से संपर्क करने के निर्देश --
वहीं विभागाध्यक्षों ने फैकल्टी को निर्देश दिए हैं कि जो भी विद्यार्थी कक्षाओं में अनुपस्थित रहता है उनके अभिभावकों को फोन,वाट्सएप और पत्र के माध्यम संपर्क करें और कहें कि उनके बच्चों को परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने कहा उपस्थिति कम होने पर परीक्षा में शामिल नहीं करेंगे --

विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने एक नोटिस जारी कर कहा कि सामूहिक रूप से अनुपस्थित होना विद्यार्थियों की ओर से गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए वर्तमान परिस्थतियों को देखते हुए सलाह दी गई कि वह ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थित रहें। 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक है। इससे कम उपस्थिति होने पर विद्यार्थियों को मिडटर्म और एंड टर्म परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।

एमटेक के लिए 15 सितंबर से खुलेगा --

विद्यार्थियों के इस मुद््दों को लेकर मैनिट प्रशासन ने यह भी कहा है कि विद्यार्थियों के लिए संस्थान खोलने के लिए सरकार की तय गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। वहीं संस्थान को चरणबद्ध तरीके से खोलना शुरू किया है। वैक्सीन लगवा चुके पीएचडी विद्यार्थी कैंपस में आ चुके हैं। वहीं 15 सितंबर से एमटेक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को बुलाया जा रहा है।

विद्यार्थियों का कहना है कि मैनिट में 10 से 11 हॉस्टल हैं। इनमें कमरों की कोई कमी नहीं है। वहीं अभी बीटेक पहले वर्ष में एडमिशन नहीं हुए हैं। इसलिए दूसरे वर्ष के छात्रों को बुलाया जा सकता है। वह हॉस्टल में सोशल डिस्टिेंसिंग के साथ रह सकते हैं। विद्यार्थियों की औसत आयु 20 वर्ष है। इसलिए अधिकतर को भी वैक्सीन लग चुकी होगी।

संक्रमण फैलने का खतरा

देशभर के अलग-अलग राज्यों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। वहीं कुछ राज्यों में कोविड-19 फिर गति पकड़ रहा है। इन राज्यों से भी विद्यार्थी यात्रा कर आते हैं तो मैनिट में भी संक्रमण गति पकड़ सकता है।

वर्जन...
विद्यार्थियों ने वापस कक्षाओं को ज्वॉइन कर लिया है। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जब भी संस्थान खुलेगा तो छुट्यिों में भी सभी प्रैक्टिकल कराए जाएंगे। किसी के भी प्रैक्टिकल नॉलेज में बाधा नहीं आएगी। चरणबद्ध तरीके से संस्थान खोला जाएगा।

डॉ. अरविंद मित्तल, डीन एकेडमिक, मैनिट