
ELECTION 2018 bjp candidate list 2018 madhya pradesh
भोपाल। मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को होने जा रहे चुनाव से पहले सभी दल अपने-अपने प्रत्याशियों के चयन में लग गए हैं। कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी लगभग तय कर लिए हैं, जिसके घोषणा दशहरे बाद करना बताया जा रहा है, वहीं भाजपा भी अपने प्रत्याशियों के चयन में जुट गई है। भाजपा के लिए इस बार ज्यादा चुनौती है, क्योंकि भाजपा शासित राज्यों में वह दोबारा से सत्ता में आने के लिए कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस बीजेपी शासित राज्यों से सत्ता छीनने की जुगत में है।
इस बार कट सकता है 30 फीसदी का टिकट
भाजपा के भीतर प्रत्याशी चयन के लिए मशक्कत का दौर जारी है। वहीं बीजेपी इस बार अपनी रणनीति बदल सकती है। सूत्रों के मुताबिक इस बार 30 फीदी विधायकों के टिकट कांटे जा सकते हैं। यह वे विधायक हो सकते हैं, जिनका परफार्मेंस ठीक नहीं रहा। मध्यप्रदेश में जीत को बरकरार रखने के लिए बीजेपी इस बार कुछ सांसदों को भी विधायक के टिकट पर चुनाव लड़ाने की तैयारी में है।
अगले सप्ताह तय हो जाएगी टिकट
भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 20 अक्टूबर को या उसके आसपास होने वाली है। इसी बैठक में मध्यप्रदेश समेत बाकी राज्यों के प्रत्याशियों के नाम जारी कर दिए जाएंगे।
इस बार है ज्यादा चुनौती
भाजपा के रणनीतिकार भी जानते हैं कि इस बार बीजेपी के लिए ज्यादा चुनौती है। क्योंकि बीजेपी शासित राज्यों में रकार विरोधी माहौल बन रहा है, जिससे निपटना बड़ी चुनौती है।
30 फीसदी विधायकों की स्थिति ठीक नहीं
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में 15 सालों से सत्ता में काबिज बीजेपी को कमजोर परफार्मेंस वाले विधायकों की स्थिति से भी निपटना है। क्योंकि कई सर्वे और संगठन की गुप्त रिपोर्ट और आकलन के अनुसार तीन राज्यों में 30 प्रतिशत विधायकों की स्थिति अच्छी नहीं कही जा सकती है। यह लोग चुनाव हार सकते हैं, इसलिए बीजेपी का केंद्रीय संगठन यह चाहता है कि यहां से जिताऊ उम्मीदवार खड़ा किया जाएगा।सबसे ज्यादा खराब स्थिति राजस्थान की बताई जाती है। इसलिए बीजेपी के लिए तीनों राज्य काफी अहम है, क्योंकि इन राज्यों में सरकारें होने के साथ ही यहां ज्यादातर लोकसभा सीटें भी बीजेपी के पास है। ऐसे में यहां के नतीजों का असर निश्चित ही अगले साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों पर भी पड़ेगा।
सांसद भी चाहते हैं लड़ना
खबर है कि कुछ सांसदों ने भी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। इसके अलावा पार्टी भी कुछ सांसदों को आजमा सकती है, क्योंकि चुनाव जीतने के लिए यह उसके लिए सहारा बन सकते हैं। सांसदों के बारे में फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मिलकर लेंगे, क्योंकि सांसद संसदीय दल से जुड़े होते हैं।
Published on:
17 Oct 2018 01:55 pm
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