
भोपाल. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। चुनाव को लेकर अब बड़ी खबर सामने आई है, राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान के समय में कटौती करते हुए वोटिंग का समय एक घंटे कम कर दिया है।
प्रदेश में निकाय चुनाव के दौरान अब वोटिंग करने के लिए एक घंटे कम समय मिलेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक तय किया है। इसेक लिए आयोग ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश सभी जिलों में निरव्चन अधिकारियों को मतदान के समय में हुए बदलाव कील जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में मतदान शाम 6 बजे तक होता रहा है। कोरोना संक्रमण के समय मतदाताओं को एक घंटे ज्यादा मतदान की सुविधा दी गई थी। अब कोरोना के स कम होने के बाद स्थितियां सामान्य हैं, इसलिए एक घंटे के अतिरिक्त समय को आयोग ने कम कर दिया गया है।
मध्यप्रदेश में आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के लिए बुधवार को प्रदेशभर में आरक्षण प्रक्रिया चल रही है। विभिन्न पदों पंच, सरपंच, जनपद पंचायत अध्यक्षों के साथ ही महापौरों के लिए भी आरक्षण किया जा रहा है। प्रदेश के नगर निगमों में महापौर पदों के लिए आरक्षण की स्थिति सामने भी आ गई है।
प्रदेश के नगर निगमों में महापौर पद के लिए आरक्षण में रीवा, जबलपुर, इंदौर, और सिंगरौली में सामान्य वर्ग पुरुष के लिए ये पद आरक्षित हुआ है. सागर, कटनी, देवास, ग्वालियर नगर निगमों में महापौर का पद सामान्य (महिला) के लिए आरक्षित हो गया है. इधर भोपाल, सतना, खंडवा और रतलाम नगर निगम (ओबीसी) के लिए तथा उज्जैन, छिंदवाड़ा और मुरैना नगर निगम मेें महापौर का पद अनुसूचित जाति जनजाति के लिए आरक्षित हुआ है।
Published on:
25 May 2022 06:25 pm
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