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दीनदयाल के जरिए अब चुनावी नेटवर्किंग का आगाज, फोकस पर निकाय-पंचायत चुनाव

गांव-गांव तक दीनदयाल समितियों के जरिए भाजपा पहुंचाएगी पार्टी की विचारधारा, बढ़ाएगी वोट बैंक

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दीनदयाल के जरिए अब चुनावी नेटवर्किंग का आगाज, फोकस पर निकाय-पंचायत चुनाव

दीनदयाल के जरिए अब चुनावी नेटवर्किंग का आगाज, फोकस पर निकाय-पंचायत चुनाव

भोपाल. प्रदेश में भाजपा में सत्ता और संगठन ने मिलकर नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव के लिए निचले स्तर तक तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत अब दीनदयाल समितियों को भी गांव और वार्ड तक विस्तार दिया जाएगा। इसके अलावा जो मौजूदा दीनदयाल समितियां हैं, उनको भी रिफार्म किया जाएगा। इसके लिए रोडमैप बनना शुरू हो गया है। सत्ता-संगठन इन समितियों के जरिए भाजपा कार्यकर्ता को जोड़कर जनता के बीच सीधे कनेक्टिविटी पर काम करेंगे। इन समितियों में पार्टी कार्यकर्ताओ को ही प्राथमिकता से मौका दिया जाएगा।

दरअसल, यदि कोरोना काबू में रहता है तो अक्टूबर तक निकाय चुनाव की तैयारी हो सकती है। इसी लाइन पर संगठन ने भी काम करना शुरू किया है। इसके तहत जिला स्तर पर समितियों को रिफार्म करके पार्टी विचारधारा से जुड़े ऐसे लोगों को मौका दिया जाएगा, जो राजनीतिक तौर पर भी मुनासिब हो और प्रशासनिक तौर पर भी बेहतर समझ रखते हो।

सरकारी योजनाओं पर फोकस
खास बात यह है कि इन दीनदयाल समितियों के जरिए सरकार की योजनाओं को निचले वर्ग तक पहुंचाने पर काम होगा। भाजपा संगठन ने हर विभाग की योजना में पार्टी कार्यकर्ता को जोड़कर जनता को लाभ पहुंचाने का प्लान तैयार किया है। इसी तरह के पैटर्न पर दीनदयाल समितियों में भी काम होगा। दीनदयाल समितियों में पार्टी कार्यकर्ता को जोड़कर सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और पात्रों तक पहुंच बनाने पर काम होगा। जहां लोग पात्र होकर भी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे, वहां लोगों को योजना से जोड़ा जाएगा।

हितग्राही बहुत पर वोटर नहीं
सत्ता व संगठन ने मिलकर इस रोडमैप पर काम शुरू किया है कि सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को वोटर में भी तब्दील किया जाए। अभी सरकार की योजनाओं का लाभ तो अधिकतर हितग्राही ले रहे हैं, लेकिन वे भाजपा से जुड़े हुए नहीं हैं। मसलन, सस्ते राशन का फायदा प्रदेश की 5.55 करोड़ जनता ले रही है, लेकिन भाजपा को इतने वोट नहीं मिलते हैं। अब भाजपा की मंशा है कि हर योजना के हितग्राही को भाजपा से भी कनेक्ट किया जाए। ताकि, पार्टी वोटबैंक में इजाफा हो।