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निजी ठेकेदारों से बिजली-पानी खरीदने को मजबूर 400 परिवार

गोंदरमउ में विस्थापितों को 27 साल बाद भी नहीें मिल रही बुनियादी सुविधाएं

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निजी ठेकेदारों से बिजली-पानी खरीदने को मजबूर 400 परिवार

निजी ठेकेदारों से बिजली-पानी खरीदने को मजबूर 400 परिवार

संत हिरदाराम नगर. गांधीनगर के वार्ड क्रमांक-1 के अंतर्गत गोंदरमउ की कॉलोनी में बिजली विभाग की अनदेखी और बिजली के कथित ठेकेदारों की मनमानी के चलते रहवासी ठेकेदारों से आठ रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदने को मजबूर है। शासन ने अलग-अलग स्थानों से परिवारों को यहां विस्थापित तो किया, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। गांधीनगर के गोंदरमउ क्षेत्र में वर्ष 1992 में विस्थापितों के लिए बीडीए ने कॉलोनी बनाई थी। कॉलोनी बसा तो दी, लेकिन 27 वर्ष बीतने के बाद भी यहां के रहवासियों के लिए सडक़,


मनमानी से करते हैं वसूली
क्षेत्र में बिजली विभाग ने आठ ठेकेदारों को स्थाई मीटर दिए हैं यह ठेकेदार करीब 400 परिवारों को सब मीटर के माध्यम से बिजली की सप्लाई करते हैं और इनसे मनमानी वसूली करते हैं। कॉलोनी में तीन हजार रुपए महीने की आय वाले परिवार भी करीब एक हजार रुपए प्रतिमाह तक सिर्फ बिजली के बिल का ठेकेदारों को अदा कर रहे हैं। पानी को लिए पार्षद ने यहां दो टैंकरों की व्यवस्था तो की है, लेकिन दो टैंकरों से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता जिस वजह से रहवासी पानी खरीदने को मजबूर हैं।

-बिजली का नया कनेक्शन लेने के लिए कई बार आवेदन किया, लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। कलेक्टर की जनसुनवाई में भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सबीहा बानो, रहवासी

- पानी और बिजली की खरीदी में ही पूरी आमदनी खर्च हो रही है। नेता सिर्फ बोट मांगने आते हैं। जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है। शासन को गरीब परिवारों की मदद करनी चाहिए।
रमेश शाक्या, समाजसेवी

- गोंदरमऊ के रहवासियों ने समस्या बताई थी। कार्रवाई के लिए मैंने जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र लिखकर निराकरण के लिए कहा है। बिजली और सडक़ संबंधित समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा।
रामेश्वर शर्मा, विधायक हुजूर