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Elephant project – एमपी में अब एलिफेेंट प्रोजेक्ट, जंगलों में केरल और असम जैसे खुले घूमेंगे हाथी

Elephant project in MP elephants will roam freely like Kerala Assam यहां एलिफेेंट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा।

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Elephant project in MP

यहां एलिफेेंट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा।

देशभर में चीता खत्म हो गए थे। इन्हें दोबारा बसाने के लिए एमपी के कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट चलाया गया जिसके अंतर्गत यहां अफ्रीका से चीते लाए गए। यहां अभी तक कुल 20 चीते लाए जा चुके हैं। इनमें से कुछ की मौत हो गई लेकिन कुछ चीतों ने जन्म भी लिया है और अब यहां कुल 21 चीता हो गए हैं। कूनो में चीता प्रोजेक्ट सफल रहा जिसके कारण केंद्र सरकार उत्साहित है। अब यहां एलिफेेंट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा।

केंद्र सरकार के वन तथा पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने यह घोषणा की है। केंद्रीय वन मंत्री के अनुसार इस संबंध में मध्यप्रदेश सरकार ने अनुरोध किया था। प्रदेश सरकार का यह आग्रह केंद्र ने स्वीकार कर लिया है। जल्द ही एमपी के जंगलों में केरल और असम की तरह हाथी घूमते नजर आएंगे।

श्योपुर के कूनो में केंद्रीय मंत्री यादव ने बताया कि देशभर में वन संपदा के मामले में मध्यप्रदेश सबसे संपन्न है। एमपी इको टूरिज्म का केंद्र बिंदु बन गया है। कूनो में शुरु किए गए चीता पुनर्स्थापना केंद्र की सफलता ने बड़ी संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। यही कारण है कि अब एमपी में चीता प्रोजेक्ट की तर्ज पर ही एलिफेेंट प्रोजेक्ट भी चलाया जाएगा।

यादव ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आग्रह किया था। वन मंत्री के मुताबिक एलिफेेंट प्रोजेक्ट के लिए भी एमपी सबसे मुफीद है। यहां घने जंगल हैं जहां हाथी सुरक्षित रह सकेंगे। हाथियों के हमले से बचाने के लिए जंगलों और आसपास रहनेवालों को जागरूक बनाया जाएगा।

प्रोजेक्ट एलिफेंट के लिए जल्द ही केंद्र के वन विशेषज्ञों का एक दल एमपी आएगा। केंद्र के वन अधिकारी तथा वन विशेषज्ञ प्रदेश के जंगलों में हाथियों को बसाने की थाह लेंगे। यहां के जंगलों में रह रहे हाथियों के व्यवहार का भी अध्ययन किया जाएगा। असम और केरल के हाथियों के व्यवहार के साथ इसका मिलान किया जाएगा।

प्रोजेक्ट एलिफेंट का लक्ष्य हाथियों का संरक्षण है। केंद्रीय दल की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। बाद में केंद्र का वन विभाग यह प्रोजेक्ट शुरु करेगा।

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