
आंत्रप्रेन्योर को चाणक्य के फंडों से बिजनेस में मिलेगी सफलता, मैनेजमेंट गुरु ने दिए ये टिप्स
भोपाल। आंत्रप्रेन्योर से लेकर किसी भी बिजनेसमैन को अपनी सफलता के लिए तीन बेसिक नियमों का ध्यान रखना चाहिए। पहला टीम सिलेक्शन पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए, उस टीम का उतना ही ध्यान भी रखना चाहिए। यदि टीम की केयर नहीं करेंगे तो टीम आपके बिजनेस की केयर नहीं करेगी। दूसरा, अच्छा काम तभी अच्छा साबित हो सकता है, जब उसमें प्रॉफिट हो। किसी भी काम को करते समय ये तय करें कि इसमें प्रॉफिट किस तरह निकाल पाएंगे। तीसरा, डिस्ट्रीब्युशन सिस्टम को डेवलप किए बिना कोई भी बिजनेस सफल नहीं हो सकता। प्रोडक्शन लेवल पर ही इसका ध्यान रखना चाहिए। ये कहना है लेखक और प्रो. राधाकृष्णन पिल्लई का। वे चाणक्य की नीतियों पर 12 किताबें लिख चुके हैं।
6000 सूत्रों का किया अध्ययन
प्रो. पिल्लई का कहना है कि मैंने मुंबई विश्वविद्यालय से चाणक्य पर पीएचडी की और गोल्ड मेडलिस्ट बना। चाणक्य के सूत्र मुझे शुरू से ही काफी पसंद थे। मैंने किताब लिखने से पहले चाणक्य के 6000 सूत्रों का अध्ययन किया। किताब में मैंने चाणक्य नीति को वर्तमान से जोड़ा। इसमें बिजनेसमैन, आंत्रप्रेन्योर, स्टूडेंट्स से लेकर अलग-अलग वर्गों के हिसाब से डिफाइन किया। हर किसी के जीवन में चाणक्य नीति लागू होती है। ये जीवन को जीने और समझने का एक नजरिया भी है। उन्होंने कहा कि मैं एस्ट्रोलॉजी को साइंटिफिक मानता हूं। चाणक्य ने सैकड़ों साल पहले जो सिंद्धात बताए थे, वह वर्तमान दौर में भी पूरी तरह से प्रासंगिक हैं।
बुक फिल्म की तरह नहीं होती
उन्होंने कहा कि मेरी बुक पर नीरज पांडे एक फिल्म बना रहे हैं। मैं रिसर्च टीम में शामिल हूं। अजय देवगन लीड रोल में होंगे। हालांकि उनका मानना है कि बुक किसी फिल्म की तरह नहीं होती। जिसका कुछ दिनों में प्रभाव खत्म हो जाए। किताब हमेशा मोटिवेट करती हैं। कार्यक्रम में वे मॉडरेटर तेजिंदर भोगाल से बात कर रहे थे। राधाकृष्णन ने कहा कि चाणक्य के ऊपर 12 किताबों के संपादन के बाद पाया कि संस्कृति अधिक सरल और गहरी भाषा है।
Published on:
15 Jan 2019 10:45 am
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