27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मैकनाईज्ड लांड्री होने के बाद भी रेलवे की चादरे धुल रही पातरा के नाले में

भोपाल। सांठगाठ से चल रहा है रेलवे में धुलाई का काम, रंगे हाथों पकड़ा तो हतप्रद हो गए अधिकारी। रेलवे में सफर करने वालों से लेकर गेस्ट हाउस वेटिंग रूप में रुकने वालों के स्वास्थ्य से खिलबाड़ रेलवे का धुलाई सेक्शन में चल रहा है। यू तो सितम्बर 2017 में यहां मैकनाईज्ड लाड्री शुरु की गई। जिसमें सारे कपड़े, चादर मशीनों से हाईटैक तरीके से धोए जा रहे है,लेकिन गुपचुप तरीके से इनकी धुलाई बाहर से भी करवाई जा रही है। जब हमने सूत्रों से मिली जानकारी पर स्टिंग किया तो सामने आया कि पातरा नाले के धोबीघाट पर मटमैले गंदे पानी से पश्चिम मध्य रेल की चादरें धोई जा रही थी। जैसे ही हम नाले की सफाई के बहाने दो लोगों से मोबाइल कैमरा ऑन कर शूट किया तो कई लोग आ गए। उन्होंने कहां आप इन चादरों का फोटो मत खीचों और एक मोबाइल से फोटो और वीडिय़ों डिलिट करवाया। उन्हे यह नहीं पता चला की हमारे दूसरे साथ की जेब में रखे दूसरे मोबाइल भी चालू था। नाले में धुल रही चादरों की पट्टी पर लिखा पश्चिम मध्य रेल की स्लिप हमारे कैमरे में कैद हो चुकी थी। उच्च अधिकारियों का इसकी जानकारी ही नहीं है कि यह गड़बड़ चल रही है, जानकारी के लिए उन्होंने भी इसका सबूत कार्रवाई के लिए मांगा, जबकि लांड्री इंचार्ज पहले तो यह कह रहे थे कि भोपाल रेलवे की सारी धुलाई मैकनाईज्ड लांड्री में हती है। हमने जब उनसे पूछा की पातरा नाले के धोबी घाट पर भी यह धुलने कैसे जा रही है तो उन्होनें कहां की मैं आपको सारी जानकारी नहीं दे सकता है। मेरी भी जबाव देने की सीमा है।

2 min read
Google source verification
Hospital clothes to be washed in a mechanized laundry

laundry

लाइव
पश्चिम मध्य रेलवे मंडल, भोपाल मुख्य स्टेशन के पास रेलवे की यंत्र चलित लांड्री है। यात्रियों के स्वास्थ को ध्यान में रखते हुए इसे सितम्बर 2017 में ही शुरू किया गया है। इस लांड्री के अंदर फोटो खींचना मना है। हम एक व्यक्ति से मिलने के बहाने जब इस लांड्री में घुसे तो यहां मैजिक से रेलवे की चादरे धुलकर जा रही थी।

अंदर बड़ी-बड़ी मशीने लगी हुई थी। यहां बाहर रजिस्टर पर रिकार्ड रखने वाले से हमने पूछा की क्या यहां ठेके पर चादरे धोने के लिए बाहर काम दिया जाता है, उस कर्मचारी ने कहां कि आप लांड्री इंचार्ज सुनील डींगरा से बात करें। हमें इसकी जानकारी हीं है।

सुनील डींगरा ने यह तो बताया कि भोपाल रेलवे की सारी चादरें यहां धुलती है,लेकिन बाहर इसका काम देने को लेकर स्पष्ट जबाव देने से मना कर दिया। उन्होने कहां कि मेरे पद के हिसाब से जितनी जानकारी में दे सकता है, आपको दे चुका हूं। बाकी जानकारी मैं नहीं दे सकता हूं।

सूचना पर पातरा के धोबी घाट पर धुल रहे कपड़े चादरों की बारीके से निरीक्षण किया तो सामने आया कि एक स्थान पर रेलवे की लाइन से चादरे, तकिए के कवर आदि धुल रहे थे। उन पर रेलवे की पट्टी भी लिखि हुई थी। इसकी जानकारी के लिए ग्राहक बनकर उसके पास गए। चादरों के बारे में पूछा तो उसने बताया कि यह होटल की चादरे हैं। हमने कहां इस पर पश्चिम मध्य रेल लिखा है।

यह पूछते ही वह घबरा ही नहीं दो तीन साथियों को बुला लिया। उसने एक मोबाइल चेक कर उसका फोटो वीडियों भी हटवा दिया, लेकिन उसे पता नहीं था कि दूर खड़े हमारे साथी के पास का दूसरा मबाइल चालू है। इस मामले को लेकर जिम्मेदार ने भी पातरा में धुल रही रेलवे की चादरों की सबूत मांगे है आगे कार्रवाई के लिए।

अन्य धोबियों ने बताया कि यहां रेलवे ही नहीं सरकारी अस्पतालों की चादर बिस्तर भी सेंटिंग से धुलने आते है। हमने काम दिलवाने की मांग की तो उनसे कहां कुछ तो बड़े ठेकेदार यह काम करवाते है, बाकि अधिकारी बिना जान पहचान के नए व्यक्ति से बात नहीं करते हैं।

-सीधी बात- सुनील डींगरा, इंचार्ज मैकनाईज्ड लांड्री, पश्चिम मध्य रेल, भोपाल
-सवाल-भोपाल रेलवे की चादरे और कपड़ो की धुलाई कहां होती है। क्या मेन्युअल भी धुलाई होती है।
-जबाव-पिछले साल ही सितम्बर में मैकनाईज्ड लांड्री शुरू की गई है। भोपाल जंक्शन के सारी कपड़े यहां मशीनों से धुलते है। मेन्युअल धुलाई नहीं होती है।

-सवाल-भोपाल रेलवे की चादरे पातरा के धोबीघाट पर धुल रही है। इसका क्या ठेका देते या वैसे ही बाहर से काम दे दिया जाता है।
-जबाव-आपको किसने बताया की हम बाहर काम देते है। वहां कैसे धुल रही है, इसकी सारी जानकारी मैं नहीं दे सकता हूं। आप पता लगाएं। जितना मेरी सीमा में है उतनी जानकारी आपको दे दी है।