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पूर्व सीएस मोहंती की होगी विभागीय जांच, उद्योग घोटाले का जिन्न फिर निकला

--------------------------- हाईकोर्ट ने सेंट्रल एडमिनिस्टे्रटिव ट्रिब्यूनल के आदेश को किया निरस्त--------------------------

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भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एसआर मोहंती के खिलाफ अब वापस विभागीय जांच की जाएगी। पिछली कमलनाथ सरकार के समय एमपीएसआईडीसी घोटाले में मोहंती को क्लीनचिट दे दी गई थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने वापस विभागीय जांच शुरू कर दी। इस पर मोहंती केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ( कैट ) में पहुंच गए थे। कैट ने विभागीय जांच पर स्टे कर दिया था। इसके बाद राज्य की भाजपा सरकार ने जबलपुर हाईकोर्ट में इस स्टे के खिलाफ अपील की थी। इस पर जबलपुर हाईकोर्ट ने सोमवार को कैट के आदेश को रद्द कर दिया है।
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मध्यप्रेदश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 2021 में जारी अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश को उचित करार दिया। जस्टिस शील नागू व जस्टिस मनिंदर सिंह भट्टी की डिवीजन बेंच ने कैट के आदेश को रद्द किया है।
राज्य सरकार की ओर से याचिका दायर कर कहा गया कि पूर्व मुख्य सचिव एसआर मोहंती के खिलाफ 0़2 जनवरी 2007 को चार्जशीट के जरिए अनुशासनात्मक कार्रवाई आरंभ की गई थी। इस पर जांच चल रही थी। उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने कोर्ट को बताया कि इस बीच राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ और कांग्रेस की सरकार ने 28 दिसंबर 2018 को एक आदेश जारी कर उक्त जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। इसके बाद आई भाजपा सरकार ने 4 जनवरी 2021 को कांग्रेस सरकार के उक्त आदेश को निरस्त कर एक बार फिर से मोहंती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पुनर्जीवित कर दिया। मोहंती ने इस आदेश को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की जबलपुर बेंच में चुनौती दी। 8 जुलाई 2021 को कैट ने इस आदेश को स्थगित कर दिया। कैट के इसी आदेश को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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क्या है घोटाला-
प्रदेश में 810 करोड़ का उद्योग घोटाला हुआ था। उस समय मोहंती एमपीएसआईडीसी में एमडी थे। तब दिग्विजय सिंह सरकार थी। उस समय एमपीएसआईडीसी ने उद्योगों को आधी-अधूरे मापदंडों के आधार पर ही करोड़ों रुपए का कर्ज बांटा था। बाद में उस कर्ज की अदायगी नहीं हुई। फिर बकाया भी विभिन्न तरीकों से माफ कर दिया था।
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