
False Fact Check: एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी..जी हां सरकार के एक विभाग के हाल इन दिनों कुछ इसी तरह के हैं। पत्रिका की सच्ची खबर को एसी केबिन में बैठकर अधिकारियों ने झूठा बताकर गलत जानकारी साझा की। जिसके प्रमाण पत्रिका डॉट कॉम आपको अपनी इस खबर में दे रहा है। जिन्हें देखकर आप खुद इस बात को समझ जाएंगे कि कैसे इनका फैक्ट चैक..फैक्ट नहीं बल्कि फाल्स चैक है।
पत्रिका अखबार ने 11 सितंबर को गरीबों का ऐसा चावल कि मवेशी भी न खाएं..शीर्षक के साथ एक खबर प्रकाशित की थी। खबर सतना की थी जहां वेयर हाउसिंग लॉजिस्टिक कार्पोरेशन यूनिट 1 के पतेरी गोदाम में 12 लाख कीमत के 300 क्विंटल सड़े-गले चावल को पीडीएस में खपाने का प्रयास चल रहा था। जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम और मिलिंग प्रभारी पंकज बोरसे ने गोदाम पहुंचे तो 500 से ज्यादा बोरी चावल गीला पाया गया जिसमें से दुर्गंध आ रही थी। 300 क्विंटल चावल पूरी तरह खराब मिला और ये भी पाया गया कि वेयर हाउस शाखा प्रबंधक इस खराब चावल को सुखाकर खपाने की तैयारी में था।
सुबह पत्रिका की खबर प्रकाशित हुई और चंद घंटों बाद ही विभाग के अधिकारियों ने इसे लेकर झूठ परोसना शुरू कर दिया। खबर का फैक्ट चैक कर बकायदा गलत का ठप्पा लगाकर सोशल मीडिया पर ये परोसा गया कि ये खबर झूठी है। पत्रिका की खबर को गलत बताते हुए फैक्ट चैक के नाम पर जनसंपर्क विभाग ने ऑफिशियल X अकाउंट से ट्वीट किया कि ये खबर गलत है। हैडिंग दी गई समाचार पत्र "पत्रिका" में 11 सितंबर 2024 को प्रकाशित खबर "गरीबों का ऐसा चावल की मवेशी भी न खाएं" के सम्बन्ध में वस्तु स्थिति..यह समाचार पूर्णतः भ्रामक, असत्य एवं तथ्यहीन है।
विभाग के अधिकारियों को न जाने ऐसी क्या जल्दी थी या किसका ऐसा भारी भरकम दबाव था कि बिना तथ्यों की जांच किए ही पत्रिका की खबर को कुछ ही घंटों में झूठा बता दिया गया। लेकिन कहते हैं न सच छिपता नहीं है तो सच निकालकर पत्रिका एक बार फिर सामने लाया है और पूरे सबूतों के साथ झूठ को बेनकाब कर रहा है। ये रहे सबूत..
सबूत नंबर एक- पंचनामा
10 सितंबर को जिला प्रबंधक MPSCSC सतना एवं मिलिंग प्रभारी MPSCSC सतना ने पतेरी (सतना-1) का दोपहर 4 बजे निरीक्षण किया। गोदाम में 500 से अधिक बोरी चावल गीला होने से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पाया गया। शेष चावल के कुछ स्टॉक में से भी दुर्गंध आ रही थी। अवलोकन करने पर 300 क्विंटल से ज्यादा चावल पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पाया गया। वेयर हाउस शाखा प्रबंधक द्वारा गीला चावल सुखाकर प्रदान हेतू फैलाया जा रहा था। MPSCSC द्वारा चावल को पूर्णत: खराब किया जा रहा है।
सबूत नंबर-2
सफेद कागज पर पेन से लिखे पंचनामे पर यकीन न हो तो ये दूसरा सबूत देखिए..ये मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन लिमिटेड जिला कार्यालय-सतना कलेक्ट्रेट जिला सतना का लेटर पेड पर लिखा हुआ पंचनामा ही है। जिसमें लिखा है कि 500 से अधिक बोरी चावल कीड़े लगे हुए अत्यधिक खराब, बदबूदार व गीला होने के कारण गोदाम प्रांगण में सुखाया जा रहा था।
सबूत नंबर- 3
कहते हैं कि सच को आंच नहीं होती और तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं…तो ये तस्वीरें भी देखिए और खुद समझ लीजिए कि जनसंपर्क का फेक्ट चैक कितना फाल्स है।
Updated on:
13 Sept 2024 09:13 pm
Published on:
13 Sept 2024 05:50 pm
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