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राशन की कुल कीमत से कहीं अधिक चुकाना पड़ रहा भाड़ा.. देखें पूरा मामला!

चार किलो चावल, 16 किलो गेहूं और एक किलो नमक मिलता है। यानि उपभोक्ता को इस राशि के लिए 21 रुपए चुकाने पड़ते हैं

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भोपाल। गरीबों के भरण पोषण के लिए सरकार भले ही शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर एक रुपए किलो गेहूं, चावल, नमक दे रही है लेकिन दूरी अधिक होने से ये राशन घर तक पहुंचते- पहुंचते महंगा हो रहा है। राशन की कीमत से ज्यादा भाड़ा चुकाना पड़ रहा है। गोविंदपुरा स्थित भगत सिंह मार्केट में एक ही स्थान पर चार राशन दुकानें खोल दी गईं। चारों दुकानें अलग-अलग नाम से हैं। लेकिन हर दुकान के उपभोक्ता को भुगतान के लिए पास ही बनी एक निजी दुकान पर भेजा जाता है।

एक परिवार जिसमें चार लोग हैं उन्हें चार किलो चावल, 16 किलो गेहूं और एक किलो नमक मिलता है। यानि उपभोक्ता को इस राशि के लिए 21 रुपए चुकाने पड़ते हैं। गोविंदपुरा स्थित भगत सिंह मार्केट में एक ही जगह चार दुकानों में ऐसे कई उपभोक्ता हैं जो चार से पांच किलोमीटर दूर से यहां आ रहे हैं। उपभोक्ता के मुताबिक राशन ले जाने के लिए भाड़ा ही 60 से 80 रुपए लग जाता है। इलाके में आसपास कोई दुकान नहीं। एक ही स्थान पर इतनी दुकानें होने की जिम्मेदारों को भनक तक नहीं है। इसमें सांठगांठ का अंदेशा जताया गया है।

ये दुकानें एक स्थान पर

1. दुकान क्रमांक-143, जय शिवशक्ति प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, शा. उचित मूल्य की दुकान।
2. दुकान क्रमांक-144, महाबली प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, शा. उचित मूल्य की दुकान।
3. दुकान क्रमांक-196, गौरी महिला, प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, शा. उचित मूल्य की दुकान।
4. दुकान क्रमांक-197, न्यू मेनका महिला, प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, शा.उचित मूल्य की दुकान।

किराने की दुकान पर हो रहा सरकारी राशन का भुगतान

सरकारी राशन बांटने में पारदर्शिता लाने बने कई नियमों के बाद भी सुधार नहीं हो पाया। इन चारों दुकान से राशन मिल रहा है जबकि उपभोक्ता इसका भुगतान करने पास की एक निजी दुकान महाबली ट्रेडर्स जा रहे हैं। उपभोक्ताओं के मुताबिक राशन की पर्ची लेकर उन्हें यहां भेज दिया जाता है। उसके बाद उसे दिए गए नम्बर की दुकान से राशन दिया जाता है। इन चारों दुकानों के नाम भले अलग-अलग हो, लेकिन इन सभी पर आने वाले उपभोक्ता भुगतान के लिए पास ही एक दुकान महाबली ट्रेडर्स पर जा रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कई उपभोक्ताओं ने कहा कि भुगतान के लिए यहां यही प्रक्रिया है। दुकान के प्रोप्राइटर अरुण महाबली ने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसा कभी-कभी होता है।

सीधी बात
सवाल- भगत सिंह मार्केट में कितनी राशन की दुकानें है?
जवाब-यहां दो दुकानें संचालित होती हैं।
सवाल- पर हमने तो चार दुकानें और उनके नम्बर तक चेक किए हैं?
जवाब-जी, सर।
सवाल- चारों दुकानें अलग-अलग हैं लेकिन पैसा आपकी दुकान पर जमा होता है?
जवाब-ऐसा नहीं है, ये कभी-कभी होता है।
सवाल- चारों दुकानें एक स्थान पर होने से लोगों को दूर-दूर से यहां आना पड़ता है?
जवाब-नियम पांच किलोमीटर तक का है, वैसे अन्ना नगर और अन्य झुग्गियों में दुकानें भी तो नहीं मिलती हैं।
सवाल- जितने का राशन नहीं मिलता, उससे अधिक किराया लग जाता है।
जवाब-राशन हम सभी को देते हैं, आप पूछ सकते हैं। शिकायत हो तो बताएं।

यहां से आते हैं लोग राशन लेने
भगत सिंह मार्केट में लगी इन दुकानों में अन्नानगर, विकास नगर, गौतम नगर, रचना नगर, कैलाश नगर, पुराना नगर आदि झुग्गीक्षेत्र से सबसे अधिक लोग राशन लेने आते हैं। अन्ना नगर यहां से दो किलोमीटर और रचना नगर यहां से तीन किलोमीटर दूर तक पड़ता है। भगत सिंह मार्केट तक कोई नगर वाहन नहीं चलता है। जिसके चलते लोगों को अपने भाड़े या गाड़ी से यहां आना पड़ता है।

हमें इस तरह की शिकायत नहीं मिली है, मामला कहां का है, आप शिकायत व दुकानों का क्रमांक हमें भेज दीजिए हम जांच करवाने के बाद कार्रवाई करेंगे।
-ज्योति शाह नरवरिया, फूड कंट्रोलर