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भोपाल पहुंचे फारुख लतीफ खां ने पत्रिका से की बातचीत, जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से किए बयां

भोपाल. आपको अगर कुछ बड़ा करना है या जीवन में सिर्फ एक विधा तक सीमित नहीं रहना तो गहरे पानी में उतरना पड़ेगा। जहां बड़े-बड़े मगरमच्छ और शार्क मछलियां होगीं। आपको उनके बीच में रहकर अपनी अलग पहचान बनानी होगी। यह कहना है। सारंगी वादक फारुख लतीफ खां का। वे एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राजधानी आए थे। इस दौरान उन्होंने पत्रिका से बातचीत कर सारंगी और अपने जीवन से जुड़ी कुछ बातों को साझा किया।

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भोपाल

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Anjali Tomar

Jul 13, 2023

भोपाल पहुंचे फारुख लतीफ खां ने पत्रिका से की बातचीत, जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से किए बयां

भोपाल पहुंचे फारुख लतीफ खां ने पत्रिका से की बातचीत, जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से किए बयां

इस परंपरा को आगे बढ़ाना मेरा फैसला था

फारुख लतीफ खां ने बताया कि मेरे परिवार में पांच पीढी से सारंगी बजाई जा रही है। मेरा 10 साल का बेटा भी सारंगी बजाना सीख रहा है। मेरे ऊपर कोई प्रेशर नहीं था कि मुझे इसी परंपरा को आगे ले जाना है। ये मेरा खुद का फैसला था कि

शास्त्रीय संगीत के प्रति युवाओं का भी रुझानः शास्त्रीय संगीत हमारे लिए पिलर का काम करता है। कुछ लोग इसे शौक के लिए करते हैं तो कुछ इसे प्रोफेशन • बनाते हैं। मुझे लगता है, युवाओं का ऑटिस्टिक म्यूजिक की तरफ रुझान बढ़ा है। वे इसे ना सिर्फ शौकिया बल्कि प्रोफेशन के लिए भी चुन रहे हैं। मुंबई में कई लोग मुझसे सारंगी सीख रहे हैं।

वर्षों से चली आ रही परंपरा को आगे लेकर जाऊं। इस वजह से मैं मुंबई गया। दूसरा कारण ये था, मैं सारंगी तक ही सीमित नहीं रहना चाहता था। इसलिए मैंने मुंबई का रुख किया। अब कई विधाओं पर काम कर रहा हूं।

गदर-2 के बैकग्राउंड म्यूजिक में किया कामः

फारुख ने बताया कि मैं अरिजीत सिंह और एआर रहमान के साथ काम कर चुका हूं। जब भी हम बड़े लोगों के साथ काम करते हैं हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इसके अलावा हाल ही में रिलीज होने वाली फिल्म गदर-2 में भी काम किया है। मुंबई जाकर बस भोपाल के सुकून को मिस करता हूं, क्योंकि वहां काम करो और जब भी समय मिले तो 5 घंटे रियाज करो।