याचिकाकर्ता कंज्यूमर एंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन सतीश नायक के वकील अजय मिश्रा ने इस पर आपत्ति ली, जिसके बाद इसे तोडऩे या 20 करोड़ रुपए जमा करने का निर्णय दिया। इस 20 करोड़ रुपए से कॉम्प्लेक्स के लिए नई पार्किंग विकसित की जाएगी। इसके साथ ही नगर निगम की ओर से भवन अनुज्ञा देने वाले अफसरों और इस भवन को बनाने वाले राज बिल्डर के जयंत भंडारी और साथियों पर मामला दर्ज करा कार्रवाई की मांग की। एक अगस्त को इस मामले में कोर्ट निर्णय दे सकता है।