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भोपाल-इंदौर के बीच में बनेगी फिल्म सिटी और स्टूडियो

दक्षिण भारत की तर्ज पर दिया जाएगा फिल्म शूटिंग को प्रमोशन

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भोपाल

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Ashok Gautam

Jan 03, 2020

भोपाल-इंदौर के बीच में बनेगी फिल्म सिटी और स्टूडियो

भोपाल-इंदौर के बीच में बनेगी फिल्म सिटी और स्टूडियो

भोपाल। प्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भोपाल-इंदौर के बीच में स्टूडियो और फिल्म सिटी बनाई जाएगी। इसके लिए पहाड़ों, झील, नदियों और जंगलों के बीच में दो हजार हेक्टेयर से अधिक की जमीन आरक्षित की जाएगी। सिटी में फिल्मों की शूटिंग के लिए उपयोगी मशीने, अगल-अलग तरह के वाहन सहित अन्य चीजें यहां उपलब्ध रहेंगी। स्टूडियो और फिल्म सिटी पीपीपी मोड पर तैयार की जाएगी।

कमलनाथ सरकार फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक रोड मैप तैयार कर रही है। पर्यटन स्थलों और नेशनल पार्कों के ऐसे क्षेत्रों को चिंहित कर रही है जो फिल्मों की शूटिंग के लिए बेहतर हैं। इन सुंदर स्थलों और दृष्यों की ब्रांडिंग करने का काम पर्यटन बोर्ड को दिया जाएगा। मप्र पर्यटन बोर्ड फिल्म पर्यटन से जुड़े प्रस्तावों को तैयार करने का काम शुरू कर दिया है, जिसे कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इन प्राकृतिक, एतिहासिक धार्मिक, नदी, डेम पर्यटन क्षेत्रों मेें फिल्म निर्माता कंपनियों और डायरेक्टरों को इन स्पाटों का भ्रमण कराया जाएगा।

इसके अलावा फिल्म और धारावाहिक निर्माता कंपनियों को इसकी डाक्यूमेंट्री तैयार कर उनके पास तक भेजी जाएगी। वहीं इन स्थानों पर होटल और रिसॉर्ट को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे फिल्म शूटिंग करने वाले वहां लंबे समय तक ठहर सकें। वहां चौबीस घंटे बिजली-पानी, सड़क, मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी को भी बढ़ावा देने के लिए शुल्क कम किए जाएंगे।

अनुमतियों के लिए सिंगल बिंडो सिस्टम

फिल्म, सीरियल बनाने की तमाम तरह की अनुमतियां देने के लिए सिंगल बिंडो सिस्टम तैयार किया जाएगा। फिल्म शूटिंग के दौरान उन्हें सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटक स्थल पर स्थान उपलब्ध कराने से लेकर अन्य तरह की अनुमतियां देने का काम मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड करेगा। सभी तरह की अनुमतियां ऑन लाइन मिलेंगी, जिससे दिल्ली, मुम्बई, हैदराबाद, उत्तरप्रदेश- बिहार से फिल्म निर्माता कंपनियों को यहां शूटिंग के लिए पुलिस और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शूटिंग के लिए वसूली जा रहे शुल्क का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। फिल्म शूटिंग के प्रमोशन के लिए अगल-अलग शहरों में बड़े स्तर पर पर्यटन बोर्ड द्वारा कार्यक्रम किए जाएंगे, जिसमें फिल्मों से जुड़ी बड़ी-बड़ी हस्तियों को बुलाया जाएगा।


ग्रामीण क्षेत्रों में बोर्ड बनाएगा थिएटर

ग्रामीण क्षेत्रों में थिएटर बनाया जाएगा। थिएटर बनाने का काम पर्यटन बोर्ड द्वारा किया जाएगा। इसका संचालन और निर्माण पीपीपी मोड पर होगा, जिसमें स्थानीय लोगों की भी भागीदारी होगी। सिनेमा के पास ही रंगमंच भी बनाया जाएगा। इससे जहां युवाओं को फिल्म देखने के लिए शहरों तक नहीं आना पड़ेगा वहीं युवा रंगमंचीय कलाकरों को अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए स्टेज मिलेगा। इसी के साथ ही स्थानीय गोकगीत, भजन, गायन मंडली को स्थानीय कलाकारों से मुलाकर भी कराने की व्यवस्था की जाएगी। स्थानीय स्तर पर जो एतिहासिक धरोहरें, महल, गढ़ी और मंदिर हैं, उन्हें भी फिल्म शूटिंग की सूची में शामिल किया जाएगा।


प्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोड मैप तैयार किया जा रहा है। फिल्म सिटी और स्टूडियो भी बनाया जाएगा। प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे कैबिनेट में रखा जाएगा। - फैज अहमद किदवई , एमडी, मप्र पर्यटन बोर्ड

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