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बिना अनुमति अवैध कॉलोनी बनाने वाले 13 लोगों पर एफआइआर दर्ज

- मिसरोद इलाके में काट रहे थे अवैध कॉलोनी- सभी आरोपी फरार

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भोपाल. राजधानी के मिसरोद इलाके में स्थित रतनपुर गांव में बिना डायवर्सन व बिना अनुमति से अवैध कॉलोनी विकसित करके बेचने वालों के खिलाफ मिसरोद थाने में आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने 292 सी मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत दर्ज शिकायतों पर करीब 13 लोगों को आरोपी बनाया है। अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ जिले भर में चल रहे अभियान के तहत यह मामले दर्ज कराए गए हैं। हालांकि, किसी की थी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

मिसरोद पुलिस ने बताया कि रतनपुरा गांव में कई लोगों ने खेती की जमीन को बिना डायवर्सन कॉलोनी के रूप में विकसित कर दिया। नगर निगम और पंचायत से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई और न ही टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग से भी इस संबंध में कोई अनुमति ली। बिना अनुमति बनाई गई कॉलोनी अवैध कॉलोनी की श्रेणी में आती है, इस कारण मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस ने निगम के सहायक यंत्री की शिकायत पर त्रिलोक चतुर्वेदी, मोहम्मद शमीम, प्रभुलाल, लखन सिंह, शोभाराम व जनक सिंह, जयादेवी वर्मा, कैलाश नारायण, मंशीलाल, चेतन साहू, रमन साहू, अभिषेक व देवेंद्र को आरोपी बनाया है।

वही दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने 2021-22 की नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू करने में एक माह का और समय दिए जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है। उन्हें अच्छे सौदे करने के लिए और समय मिल गया। लोगों की मांग है कि सरकार इस बार जमीनों के रेट न बढ़ाए, नहीं तो आम आदमी को घर खरीदने से पहले सोचना होगा।