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देश की पहली एसी मंडी, यहां महीनों रखे रहेंगे फूल-फल तो खराब नहीं होंगे

भोपाल, विदिशा, सिहोर, रायसेन,  इंदौर, बड़वानी सहित प्रदेश के बीस जिलों के किसानों को इसका सीधा फायदा होगा

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Anwar Khan

Apr 05, 2016

mandi bhopal

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब 2 एकड़ में देश की पहली फुल एयर कंडीशन (एसी) मंडी तैयार की जा रही है, जहां फल और फूल महीनों रखे रहेंगे, पर खराब नहीं होंगे। यहां एक विशालकाय कवर्ड डोम में 10 हजार टन फूलों का उत्पादन किया जाएगा और 70 करोड़ फूलों का कारोबार होगा। शादी, त्योहार और घर में सुंदर विदेशी फूल सजाने के लिए तीन गुना दाम नहीं चुकाने होंगे। थोक भाव पर यह आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इस मंडी की और भी कई खासियत हैं, आइए जानते हैं...

अब तक ये हुआ
मंडी समिति को एसी मंडी के लिए कोई राशि भी खर्च नहीं करा होगी। पूरी राशि केंद्र सरकार का उद्यानिकी विभाग देगा। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। अब सिर्फ उद्यानिकी विभाग की स्वीकृति बाकी है। मंडी समिति इंदौर की एक फर्म को कंसलटेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जल्द ही मंडी का ले-आउट प्लान तैयार हो जाएगा। एससी डोम धान मंडी के रिटेल सेक्शन-सी में बनेगा।

दस हजार टन हो जाएगा उत्पादन
अभी शहर में प्रतिदिन करीब पांच सौ क्विंटल फूलों की खपत होती है, त्योहारों के समय इनकी मांग पांच गुना तक बढ़ जाती है, लेकिन यहां फूलों का उत्पादन बहुत ही कम होता है। अधिकतर सप्लाई दक्षिण के राज्यों से होती है। शहर के आसपास वर्ष 2014-15 में 2000 टन और वर्ष 2015-16 में महज 5000 टन उत्पादन हुआ।

1.5 करोड़ राजस्व का लक्ष्य
मंडी समिति ने हर साल करीब डेढ़ करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा है। भोपाल, विदिशा, सिहोर, रायसेन, इंदौर, बड़वानी सहित प्रदेश के बीस जिलों के किसानों को इसका सीधा फायदा होगा। यहां बेंगलूरु और पुणे जैसा राष्ट्रीय स्तर का फूलों का मार्केट तैयार हो जाएगा।

जनता को करीब दो करोड़ का फायदा
अभी फूलों का व्यापार नवबहार मंडी से होता है। शहर में सबसे ज्यादा बिक्री गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा, मोगरा, लेडूलस, क्रिसएंथमस सहित दस तरह के फूलों की होती है। चूंकि अधिकतर सप्लाई बाहर से होती है। त्योहार और शादी सीजन के समय तीस से पचास रुपए किलो वाले फूलों के दाम डेढ़ सौ से दो सौ रुपए किलो तक पहुंच जाते हैं।

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