
Forest Department Land Dispute MP
forest department land dispute: वन विभाग का सौतेला व्यवहार परेशानी बढ़ा रहा है। प्रदेश के डेढ़ लाख लोगों की 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन वन विभाग के रिकार्ड में है। वे मालिक होने पर भी इसका व्यावसायिक उपयोग नहीं कर पा रहे। इन जमीनों को वन विभाग के रिकार्ड से बाहर कराने में लोगों की चप्पलें घिस गईं। कुछ दुनिया से चले गए। वहीं, नेता, मंत्री और अफसरों के परिवार की जमीनों पर विभाग की विशेष कृपा है। विभाग उनकी जमीन रिकार्ड से हटा रहा है।
पूर्व सीएस वीरा राणा के पति पूर्व आइपीएस संजय राणा और पूर्व सीएस एवी सिंह समेत कई अफसरों की जमीनें विभाग ने रिकार्ड से बाहर कर दी। मामलों के जानकार अनिल गर्ग की मानें तो, सीमा निर्धारण में 60 साल पहले विभाग ने जमीन वन खंड में शामिल की। तब जानकारी सरकार को नहीं दी, प्रक्रिया का पालन नहीं किया। ऐसी हजारों हेक्टेयर जमीन फंसी होने से लोग परेशान हैं।
सीहोर के इच्छावर में खसरा-122/13 की 0.1090 हेक्टेयर जमीन पूर्व सीएस वीरा राणा के पति संजय राणा के नाम है। खसरा 122/7 की 1.2140 जमीन पूर्व सीएस एवी सिंह की है। वन विभाग ने 6 मई 2022 को नोटिस जारी कर कहा-यह जमीन कक्ष- 349 की बीट लावाखेड़ी के वन परिक्षेत्र स्थित वन क्षेत्र में है। यह सामान्य वन मंडल सीहोर के तहत आती है। अपवर्तन न होने से मूल स्वरूप वन भूमि है। इस पर सघन वन है, गैर वानिकी काम व निर्माण न करें। ऐसा करने पर दोनों को कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने एक प्रश्न के जवाब में माना कि सिर्फ शहडोल वन वृत्त में ही 4249.728 हेक्टेयर निजी जमीन वन खंडों के अधीन है। इसके पहले पूर्व वन मंत्री विजय शाह ने छतरपुर जिले से आने वाले पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी के मामले में माना था कि वन विभाग के कब्जे वाली निजी जमीन वापस दिलाई जाएगी। तब अफसरों ने पूर्व विधायक को अतिक्रमणकारी घोषित कर दिया था।
जब सेवा में था, तब अनुमति के तहत जमीन खरीदी थी। मेरे पास दस्तावेज हैं। जमीन को वन भूमि मानना ही गलत था।
- संजय राणा, पूर्व आइपीएस
जमीन मेरी थी और है। बिना दस्तावेज-प्रक्रिया किए वन भूमि बताना, अनुचित है। कोर्ट ने भी संबंधितों का दावा खारिज किया।
- एवी सिंह, पूर्व सीएस
दो पूर्व सीएस और उनके परिजनों से जुड़ी जमीन वन विभाग से बाहर करने की जानकारी नहीं है। 30 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन पर वन विभाग सुनवाई कर रहा है। कार्रवाई में तेजी लाएंगे।
-अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव वन
Updated on:
05 Apr 2025 11:24 am
Published on:
05 Apr 2025 11:21 am
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