
भोपाल। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत यमुना नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए मप्र में बहने वाली उसकी 8 प्रमुख सहायक नदियों के कैचमेंट का ट्रीटमेंट करने के लिए वन विभाग ने एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रदेश के 16 जिलों में प्लांटेशन किया जाना है। इसके लिए विभाग ने केंद्र सरकार से 70.30 करोड़ का फंड मांगा है। इस राशि से एक वर्ष में 15814 हेक्टेयर में नदियों के किनारे ऐसे पौधे लगाए जाएंगे, जो नदियों के पानी को साफ करने में सहायक होंगे।
48048 हेक्टेयर में पौधरोपण का लक्ष्य
वन विभाग की योजना के अनुसार अशोक नगर, छतरपुर, दमोह, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, शिवपुरी, मंदसौर, मुरैना, नीमच, पन्ना, रायसेन, रतलाम, श्योपुर और टीमकगढ़ में पौधरोपण किया जाएगा। योजना के तहत अशोकनगर में 43 तो रायसेन और गुना में 20-20 हेक्टेयर में नदियों के किनारे 2-2 किलोमीटर तक पौधे रोंपे जाएंगे। इससे मिट्टी का कटाव रूकेगा। पेड़ों से पानी भी स्वच्छ होगा। यमुना की सहायक नदी बेतवा, चंबल, गंभीर, गोधर, कालीसिंध, केन, पार्वती और सिंध के किनारे 48048 हेक्टेयर में पौधे रोंपे जाने हैं। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 542 करोड़ का खर्च आएगा।
कूनो-माधव में शाकाहारी वन्यप्राणी भी बढ़ेंगे
वहीं, सबसे ज्यादा पौधे श्योपुर में 3644, शिवपुरी में 801, दतिया में 2125,माधव नेशनल पार्क में 1215 मंदसौर में 1652 और नीमच में 2078 हेक्टेयर में लगाए जाएंगे। श्योपुर और शिवपुरी में पौधरोपण होने से कूनो नेशनल पार्क और माधव नेशनल पार्क से सटे क्षेत्र में भी हरियाली बढ़ेगी। इससे यहां शाकाहारी वन्यप्राणियों की संख्या में भी इजाफा होगा।
Published on:
18 Sept 2023 10:10 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
