
former chief minister of mp kailash joshi political story in hindi
भोपाल। मध्यप्रदेश के 14वें मुख्यमंत्री रहे कैलाश जोशी का 26 साल में ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे। इसके बाद 26 जून 1977 को 14वें मुख्यमंत्री बने। यह पहले ही मुख्यमंत्री थे, जो गैर-कांग्रेसी थे। 17 जनवरी 1978 तक सीएम पद पर रहे। वे जनसंघ के समय संगठन को मध्य प्रदेश में मजबूत करने के लिए काम करते रहे। 1955 में कैलाश जोशी पहली बार देवास जिले की हाटपीपल्या नगर पालिका के अध्यक्ष बने। इसके बाद 1962 से निरंतर देवास जिले की बागली से विधायक रहे। 1951 में वे भारतीय जनसंघ की स्थापना के सदस्य भी रहे।
14 जुलाई, 1929 को जन्मे कैलाश जोशी का निधन 24 नवंबर को हो गया था। जोशी की पुण्य तिथि के मौके पर प्रस्तुत है उनसे जुड़ी कुछ यादें...।
इमरजेंसी में अंडरग्राउंड रहे जोशी जी
जोशीजी के बारे में कहा जाता है कि वे आपातकाल के समय एक माह तक अंडरग्राउंड रहकर काम करते रहे। 1975 में गिरफ्तार होने के बाद उन्हें 19 माह मीसा कानून के तहत नजरबंद किया गया था। इसके बाद 1977 को जोशी मध्यप्रदेश के इतिहास में पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने। हालांकि 1978 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र दे दिया था।
दिग्विजय को घेरने उतरे थे जोशी
1998 के दौर में जब दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तो चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस और दिग्विजय सिंह को उनके ही गढ़ में घेरने के लिए कैलाश जोशी को चुनाव में उतारा था। तब दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह के सामने जोशी मैदान में थे, लेकिन वह चुनाव 50 हजार से अधिक मतों से हार गए थे। बाद में उनको भाजपा ने राज्यसभा भेजा था।
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Published on:
24 Nov 2020 01:01 pm
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