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एक किस्साः जब एक राज्यपाल ने भरे मंच से कही थी सीएम को शूट करने वाली बात

एक किस्साः प्रदेश की राजनीति का वो किस्सा आज भी चर्चित है, जब भरे मंच से एक राज्यपाल ने सीएम के लिए कह दी थी यह बात...।

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भोपाल

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Manish Geete

Aug 23, 2021

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23 अगस्त 1923 में जन्मे बलराम जाखड़ 30.06.2004 से 29.06.2009 तक मध्यप्रदेश के राज्यपाल रहे।

भोपाल। बलराम जाखड़ अपने सख्त और बेबाक रवैये के कारण अक्सर ही सुर्खियों में रहते थे। वे अपनी बात कहने में चूकते नहीं थे। प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार थी और जाखड़ मध्यप्रदेश के गवर्नर थे। एक बार जाखड़ के एक वक्तव्य से मध्यप्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया था। क्योंकि यह बयान सरकार और राजभवन के टकराव की ओर इशारा कर रहा था।

राजधानी भोपाल में एक कार्यक्रम को राज्यपाल बलराम जाखड़ संबोधित कर रहे थे। शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में मौजूद थे। तब भरे मंच से बलराम जाखड़ ने भावनात्मक होकर कहा कि 'शिवराज काम करो, नहीं तो मैं शूट कर दूंगा।'


इस बयान के बाद राजनीति गर्माना लाजिमी था, क्योंकि एक राज्यपाल ने ऐसा बयान दे दिया था। हर दिन टकराव की खबरें सुर्खियां बनने लगी थीं। राजनीतिक गलियारों में हर दिन चर्चाएं होने लगी थी। ऐसे ही कई बयानों को लेकर बलराम जाखड़, जब तक मध्यप्रदेश के राज्यपाल रहे सुर्खियों में ही बने रहे।

घोटाले पर कहा था कीड़े पड़ेंगे

तत्कालीन राज्यपाल बलराम जाखड़ का दूसरा किस्सा भी मशहूर है। जब वे इंदौर के एक कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे, तब अपने संबोधन में उन्होंने इंदौर के ही बहुचर्चित पेंशन घोटाले का मुद्दा छेड़ दिया था। उन्होंने कहा था कि जो गरीब का पैसा खाएगा, उन्हें कीड़े पड़ेंगे। यह बयान काफी दिनों तक चर्चाओं में बना रहा।

जितने बड़े उतने ही भावुक

तत्कालीन राज्यपाल बलराम जाखड़ जितने लंबे और चौड़े थे, लेकिन उतने ही भावुक भी थे। उनसे किसी का दर्द देखा नहीं जाता था। प्रदेश में कई कार्यक्रमों के दौरान ऐसा वक्त भी आता था जब वे भावुक होकर मंच पर ही रोने लगते थे।

लंबाई के कारण चर्चा में रहते थे जाखड़

बलराम जाखड़ अपने लंबाई के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते थे। उनकी लंबाई करीब साढ़े छह फीट थी। एक बार जब वे अपने दौरे के वक्त गेस्ट हाउस में ठहरने गए तो प्रशासन उनके ठहरने की व्यवस्था में जुट गया। सामान्यतः छह फीट से लंबे पलंग नहीं हुआ करते थे। जब उनकी लंबाई का ख्याल आता तो उनके लिए सोने के लिए विशेष लंबाई वाला पलंग बनवाया गया। यह खबर भी काफी सुर्खियों में रही।


कार भी बदलनी पड़ी थी

राज्यपाल को अपनी लंबाई की वजह से सरकारी मर्सिडीज छोड़ना पड़ी थी। उनकी हाईट साढ़े 6 फीट होने के कारण उनको बैठने में काफी तकलीफ होती थी। उनके घुटने आगे वाली सीट पर टकराते थे। इसके बाद उनके लिए दूसरी कार खरीदी गई, जिसे मोडीफाई करवाया गया। वे जब तक राज्यपाल रहे, उसी कार में आरामदायक महसूस करते थे।

तीन सीएम को दिलाई शपथ

बलराम जाखड़ अपने राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान तीन मुख्यमंत्रियों को शपथ दिला चुके थे। उन्होंने पूरे पांच साल कार्यकाल पूरा किया। जून 2004 में खुद राज्यपाल बनने के बाद दो माह बाद ही उमा भारती ने इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद बाबूलाल गौर को सीएम पद की शपथ दिलाई। राजनीतिक घटनाक्रम बदला और भाजपा ने शिवराज को सीएम बनाने का ऐलान किया, तो बलराम जाखड़ ने शिवराज सिंह को भी शपथ दिलाई थी। डेढ़ साल का समय हटा दिया जाए तो शिवराज तभी से लगातार अब तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।

एक नजर

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