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कार्यकाल समाप्ति के बाद डिसा ने रिटायर्ड जस्टिस के बराबर मांगी सुख-सुविधाएं

मुख्य सचिव को लिखा पत्र, उठा विवाद...

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RERA

कार्यकाल समाप्ति के बाद डिसा ने रिटायर्ड जस्टिस के बराबर मांगी सुख-सुविधाएं

भोपाल हरीश दिवेकर की रिपोर्ट...
मध्यप्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के चेयरमैन अंटोनी डिसा ने राज्य सरकार से उन्हेंं कार्यकाल खत्म होने के बाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस के समान सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

इसके लिए उन्होंने मुख्य सचिव एसआर मोहंती को पत्र भी लिखा है। डिसा का तर्क है कि रेरा की सेवा शर्तों के अनुसार चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस के समान वेतन, अवकाश एवं अन्य सुविधाएं लेने का हकदार है। उन्हें भी ऐसी सुविधाएं दी जाएं। नियमों में चेयरमैन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ऐसी सुविधाएं देने का कोई उल्लेख नहीं है।

ऐसे में अब कैबिनेट तय करेगी कि सरकार डिसा को सुविधा दे या नहीं। मुख्य सचिव ने इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव पेश करने के निर्देश दिए हैं। डिसा ने पत्र में परिवार को फ्री इलाज, अर्दली और टेलीफोन की सुविधा मांगी है।

सुविधाभोगी हो गए हैं सरकारी अफसर
अब कोई मुख्य सचिव रिटायर नहीं होना चाहता। रिटायर होने से पहले ही पुनर्वास करा लेते हैं। ये न तो प्रशासन के लिए अच्छा है और न ही समाज के लिए। बड़े अफसर सुविधा भोगी हो गए हैं। ये लोग जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रहे हैं। रेरा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद रिटायर्ड जस्टिस के समान सुविधाएं मांगना गलत है।
- निर्मला बुच, पूर्व मुख्य सचिव

राजनेताओं के हित में काम कर रहे अफसर
पुनर्वास के लालच में काम करने वाले अफसरों से निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जा सकती है। ये लोग जनहित में कम राजनेता और अपने हित के लिए ज्यादा काम करते हैं। कई मुख्य सचिवों ने पुनर्वास पाने के लिए जमीर तक बेच दिया। ऐसे अफसरों को शर्म आनी चाहिए। कम से कम सर्विस की मर्यादा तो बनाएं रखें।
- अरुण गुर्टू, रिटायर्ड आइपीएस