
गृह निर्माण सोसायटी में फर्जी तरीके से बिक रहे प्लॉट, एनओसी पर लगी रोक, शासन बना रहा नई गाइडलाइन
भोपाल. गृह निर्माण सोसायटियों द्वारा बेची गई जमीन, प्लॉट के संबंध विकास अनुज्ञा से लेकर, नामांतरण, अंतरण के संबंध में अब कोई अनापत्ति और एनओसी जारी नहीं होगी। इस संबंध में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाओं की तरफ से रोक लगा दी गई। कई गृह निर्माण सोसायटियों में फर्जी तरीके से मतदान कराने के बाद वास्तविक सदस्यों के प्लॉटों की बिक्री के मामले सामने आने के बाद इस संबंध में शासन की तरफ से नई गाइडलाइन बनाई जा रही है। जब तक यह सामने नहीं आती, रोक लगी रहेगी। राजधानी में 535 गृह निर्माण सोसायटी हैं, इसमें से 270 ही सही तरीके से काम कर रही हैं। बाकी विवादित हैं, तो काफी में प्रशासक नियुक्त हैं।
आदेश में बताया गया है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के परिपालन में गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं द्वारा विक्रय की भूमियों के संबंध में नए दिशा निर्देश और प्रावधान (एसओपी) बनाए जा रहे हैं। ऐसे में गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं की भूमि नहीं बेची जा सकती है।
सभी मदों की भूमि पर रोक
- गृह निर्माण सोसायटी में नए प्लॉट, भूखंड की बिक्री से लेकर रीसेल प्लॉट तक की बिक्री पर रोक लग गई है। कोई अध्यक्ष चुनाव कराने के बाद चोरी छिपे प्लॉट बेच भी देता है तो वह इस अवधि में मान्य नहीं होगा। क्योंकि एनओसी पर रोक लगी है। ये आदेश अवैध और वैद्य दोनों प्रकार की सोसायटी की जमीनों पर लागू है।- जिन सोसायटी में प्रशासक नियुक्त हैं, उन में भी प्लॉट और भूमि की खरीद फरोख्त पर एनओसी नहीं जारी होगी। अगर कोई जारी करता है तो 6 जुलाई से वह अवैध मानी जाएगी।
रोहित गृह निर्माण में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार
राजधानी में रोहित गृह निर्माण सोसायटी में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ है। यहां सदस्यों के हक पर चुनाव कराने के बाद साठगांठ से एनओसी जारी कर बड़े स्तर पर प्लॉटों की हेराफेरी की गई है। रोहित का मामला ईओडब्ल्यू में चल रहा है, इसमें जल्द ही बड़े स्तर पर बड़ा खुलासा होने वाला है। इसमें ईओडब्ल्यू और सहकारिता विभाग की टीमें लगी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो राजधानी में टॉप टेन सोसायटी ऐसी हैं जिनमें सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा हुआ है। इसमें गौरव गृह, महाकाली, हेमा, सौरभ गृह निर्माण, हजरत निजामुद्दीन, सर्वधर्म, कान्हा, शिव गृ.नि, अपैक्स बैंक, विकास कुंज, गुलाबीनगर, निशातपुरा, लावण्य गुरुकुल, पल्लवी, राजहर्ष, नर्मदा, पुष्प विहार , अमलताश, मंदाकिनी सहित कई सोसायटी हैं जिनके पीडि़त आज भी सहकारिता विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
टॉप टेन सोसायटी, जिनकी सबसे ज्यादा शिकायतें
--1. कामधेनू---41
2. सर्वोदय---21
3. रोहित----20
4. स्वजन---16
5. सौरभ---14
6. हजरत निजामुद्दीन---14
7. सर्वधर्म---11
8. कान्हा----11
9. शिव---11
10. अपैक्स बैंक---10
वर्जनगृह निर्माण सोसायटियों में भूमि, प्लॉट बिक्री के बाद एनओसी, अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं की जाएगी। शासन स्तर पर इस संबंध में नए दिशा निर्देश बन रहे हैं। जब तक वे सामने नहीं आते, रोक जारी रहेगी।
विनोद सिंह, ज्वाइंट रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग
Published on:
22 Jul 2023 08:32 pm
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