
ganesh chaturthi 2017
भोपाल। कलियुग में भी भगवान के अवतार हो सकते हैं, क्या भगवान गणेश फिर अवतार ले सकते हैं। क्या कलियुग में भी कोई चमत्कार हो सकता है। इन दिनों भी एक ऐसे चमत्कार का दावा किया जा रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि भगवान गणेश ने एक बालक के रूप में जन्म लिया है।
गणेश चतुर्थी से ऐन पहले ही गणेशजी के अवतार लेने की यह तस्वीरें कहां की है यह कहना मुश्किल है, लेकिन मध्यप्रदेश में इन दिनों यह तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। फेसबुक और सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि भगवान गणेश ने एक बालक के रूप में जन्म लिया है। यह भी कहा गया है कि इस बच्चे की पूजा करने वाला का तांता लगा हुआ है।
फेसबुक और वाट्सअप पर वायरल हो रही इस तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि गणेश चतुर्थी से पहले जिस बच्चे ने जन्म लिया है वह बिल्कुल भगवान गणेश के जैसा दिखने वाला है। उसकी सूंढ भी है। किसी ने दावा किया है कि इस बच्चे ने मध्यप्रदेश के सीहोर के किसी गांव में जन्म लिया है।
सूंड और बड़े-बड़े कानों वाला है बालक
दरअसल जिस बालक की तस्वीर वायरल हुई है वो वाकई में सब का ध्यान खींचती है। इस तस्वीर को देखने में लगता है कि यह मासूम बालक जरूर कुछ बोलने की कोशिश कर रहा है। आधा फीट से अधिक लंबी उसकी सूंड भी है। उसके कान भी बड़े-बड़े हैं, जिससे वो बिल्कुल गणेशजी की तरह नजर आता है। यह तस्वीर देखने में ऐसी लगती है जैसे कोई बच्चा घर में बैठा हुआ है, मोतियों की माला पहना है और आंखों में काजल लगाए बैठा है। नजर से बचाने के लिए बच्चे के पैर और माथे पर काला टीका भी लगाया गया है।
कितनी सच्चाई है इस तस्वीर में
वाट्सअप पर कई ग्रुपों में भेजी जा रही यह तस्वीर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचती है। इसके साथ दिए गए संदेश में कहा जा रहा है कि भगवान के अवतार सतयुग में ही होते थे, लेकिन अब कलियुग में भी गणेशजी ने अवतार ले लिया है।
कहां क्या दावे
-एक ग्रुप में दावा किया गया है कि यह मध्यप्रदेश के सीहोर जिले का है।
-किसी ने इसे कर्नाटक के तेरदार गांव का बताया है, तो किसी ने इसे ढाई साल पुराना बताया है।
-एक वाट्सअप ग्रुप में यह लिखा गया है कि समय-समय पर ईश्वर भी अपने होने का सबूत देते रहते हैं।
-इसके अलावा किसी का यह भी दावा है कि गणपति जैसा दिखने वाला बालक गुजरात के सूरत शहर में जन्मा है।
-किसी ने फेसबुक पर लिखा है कि यह तीन साल पुरानी तस्वीर है, जो पहले भी वायरल हो चुकी है।
-किसी ने सूरत में जन्मे इस बच्चे के बारे में पूछताछ की तो वहां भी किसी ने इसके जन्म की पुष्टि नहीं की।
बगैर देखे न करें तस्वीरें वायरल
-अक्सर कई ग्रुपों में मनोरंजन की दृष्टि से या अंधभक्ति में लोग बगैर सोचे-समझे किसी भी पोस्ट को वायरल कर देते हैं। जबकि कृपया अंध विश्वास को फैलाने या किसी भी चीज को वायरल नहीं करना चाहिए।
-कई लोग किसी भी वायरल पोस्ट को अपनों तक सबसे पहले पहुंचाने की जल्दबाजी में यह भूल जाते हैं कि वह पोस्ट कितनी सही है।
Published on:
23 Aug 2017 06:24 pm
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