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अपराधी महिलाओं को बना रहे शिकार, सड़क से पुलिस गायब

गैंगरेप से फिर उठे महिला सुरक्षा पर सवाल, अपराधी महिलाओं को बना रहे शिकार, सड़क से पुलिस गायब

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अपराधी महिलाओं को बना रहे शिकार, सड़क से पुलिस गायब

भोपाल. आठ माह पहले यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास हुए गैंगरेप की घटना के बाद पुलिस और सरकार ने महिला सुरक्षा के तमाम दावे किए, लेकिन जमीनी हालात नहीं बदल सके। इसका अंदाजा मंगलवार रात मंडला से आई 21 वर्षीय आदिवासी युवती के साथ गैंगरेप की घटना से लगाया जा सकता है।

जिसे अपराधी आइएसबीटी से बाइक पर बैठाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमते रहे, लेकिन युवती को पुलिस कहीं नहीं दिखी। बुधवार तड़के किसी दूसरे इलाके पर युवती को जब डायल-100 दिखी तो उसने शोर मचाया। तब कहीं पुलिस आरोपियों को पकड़ा जा सका। उसमें भी पुलिस अपनी ही कामयाबी मान ढिंढोरा पीटती रही। डीआइजी ने शुरुआत में आरोपी को पकडऩे वाले पुलिसकर्मी को 10 हजार रुपए इनाम देने का ऐलान कर दिया।

पुलिस ने यह दावे किए थे, हकीकत में ऐसी सुरक्षा कभी नहीं दिखी
दावा: शहर के अलग-अलग 17 स्थानों को चिह्नित किया गया, जहां हर समय महिलाओं की भीड़ रहती है। वहां महिला पुलिसकर्मी गश्त करेंगी।

हकीकत: 17 स्थानों पर कभी-कभार इत्तेफाक से पुलिस दिखती है।

दावा: हेल्प लाइन में सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचेगी।
हकीकत: आधा घंटे से अधिक का वक्त पुलिस को कई घटनाओं में लगा। जब तक अपराधी फरार हो गए। कई घटनाएं सामने आईं।

दावा: शक्ति स्क्वॉड महिलाओं से बात कर उन्हें जागरूक करेगी। इसके लिए महिला पुलिसकर्मियों को मोपेड दी गई।

हकीकत: कोई बड़ी घटना होने के बाद ही महिला पुलिस दिखती है। वाहनों का उपयोग सिर्फ पुलिसकर्मियों के घर-आफिस आने में हो रहा है।

दावा: अंधेरे स्थानों में लाइट की व्यवस्था की जाएगी।
हकीकत: ऐसे कई इलाके हैं जहां से बड़ी संख्या में महिलाएं रात में गुजरती हैं, वहां अब भी लाइट नहीं लगी।

दावा: पुलिस के करीब 38 प्वाइंट पर हर वक्त पुलिस दिखेगी।

हकीकत: वाहनों की जांच के लिए सिर्फ पुलिस कुछ घंटे प्वाइंट पर दिखती है।

पुलिस की नाकामी का नतीजा: छह माह में 451 दुष्कर्म-छेड़छाड़

राजधानी पुलिस महिला अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। जनवरी 2018 से जुलाई तक दुष्कर्म की 121, छेड़छाड़ की 330 घटनाएं घटित हुई हैं। पुलिस के कमजोर गश्त से मौजूदा समय में हालात यह हो गए कि अपराधी दिनदहाड़े महिलाओं को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे।

खान भाई को युवती ने बताया

गैंगरेप की पीडि़त युवती ने पुलिस को बताया कि उसने मामले में आरोपी इदरीश उर्फ खान भाई को घटना के बारे में जानकारी नहीं दी थी। वह अलग कमरे में ताश खेल रहा था। इसी बीच उसके साथी ने मुझे देखा तो वह नाराज हो गया। साथी ने बोला लड़की को तुरंत छोड़कर आओ। इसके बाद राहुल मुझे छोडऩे आ रहा था।

मंगलवार को सैलरी मिली इसके बाद बनी साजिश
बताया गया कि तीनों आरोपियों को मंगलवार शाम को ही सैलरी मिली थी। सैलरी मिलने के बाद आरोपी होटल से गायब हो गए। युवती को इदरीश पार्र्किंग में लेकर बैठा था। इसकी जानकारी जब मोनू और राहुल को लगी तो वे भी होटल से आ गए। इसके बाद दोनों ने शराब पी, फिर दो अलग-अलग बाइक में चल दिए।

आरोपी की पत्नी बोली वे ऐसा नहीं कर सकते

घटना की जानकारी लगने के बाद मोनू शर्मा की पत्नी गोविंदपुरा थाना पहुंची। वह बोली कि पति ऐसा नहीं कर सकते, वह इन गंदी चीजों का विरोध करते हैं। यदि ऐसा किया होगा तो उन्हें छोड़ा नहीं जाए। उसने बताया कि हर रोज मोनू रात में घर आ जाता था, लेकिन मंगलवार की रात वह घर नहीं आया। बुधवार तड़के वह घर पहुंचा था। थोड़ी देर बाद पुलिस उसे पकड़कर ले गई।

फैक्ट फाइल

- जनवरी 2018 से अब तक 121 दुष्कर्म की घटनाएं।
- जनवरी 2018 से अब तक 330 छेड़छाड़ की वारदात।

राजधानी में बढ़ता गया महिला अपराध
साल - दुष्कर्म - छेड़छाड़

2015 - 182 - 430
2016 - 275 - 445

2017 - 283 - 512
2018 - 121 - 330

नोट: आंकड़े भोपाल पुलिस के है। 2018 के आंकड़े जनवरी से 10 जुलाई तक के है।